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बाबा अलखनाथ मंदिर प्रांगण में कांवड़ियों के लिए लगा प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर

Bareillylive : श्रावण मास के पावन अवसर पर, जब हजारों की संख्या में कांवड़िया भगवान शिव की भक्ति में डूबे हुए गंगा जल लेने के लिए पैदल यात्रा करते हैं, तब उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा का ध्यान रखना समाज का नैतिक कर्तव्य बन जाता है। इसी भावना को साकार करते हुए आज दिनांक 14 जुलाई 2025 को, बाबा अलखनाथ मंदिर के तत्वावधान में कांवड़ यात्रियों के लिए एक विशेष प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर न केवल सेवा और समर्पण का प्रतीक बना, बल्कि कांवड़ियों के स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति समाज की जिम्मेदारी का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है।

शिविर का आयोजन और संचालन

इस स्वास्थ्य शिविर का संचालन मुकेश अग्रवाल और राहुल तिवारी ने किया। दोनों ने शिविर की संपूर्ण व्यवस्था, व्यवस्थापन और कांवड़ियों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए सेवा भाव से कार्य किया। उनके साथ भाई तरुण अग्रवाल और भाई महावीर सिंह ने भी इस पुनीत कार्य में सक्रिय सहयोग दिया। इन सभी ने मिलकर शिविर को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की, ताकि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएँ

शिविर में कांवड़ियों के स्वास्थ्य की जांच और प्राथमिक उपचार के लिए डॉ. भारती सिंह और डॉ. गुरजोत सेठी ने अपनी सेवाएँ दीं। दोनों डॉक्टरों ने निःस्वार्थ भाव से कांवड़ियों की स्वास्थ्य जांच की, आवश्यक दवाएँ दीं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया। कांवड़ यात्रा के दौरान अक्सर कांवड़ियों को थकान, डिहाइड्रेशन, पैरों में छाले, मांसपेशियों में खिंचाव, बुखार, सिरदर्द आदि समस्याएँ होती हैं। इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए डॉक्टरों ने त्वरित उपचार और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की। साथ ही, कांवड़ियों को यात्रा के दौरान स्वच्छता, पौष्टिक आहार, जल सेवन और विश्राम के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।

कांवड़ियों की सेवा में समर्पित टीम

शिविर में सेवा देने वाली टीम ने न केवल स्वास्थ्य जांच की, बल्कि कांवड़ियों के लिए स्वच्छ जल, ओआरएस घोल, प्राथमिक चिकित्सा, बैंडेज, दर्द निवारक स्प्रे, मलहम, छाले के लिए दवाएँ, और आवश्यकतानुसार अन्य स्वास्थ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई। शिविर में आने वाले हर कांवड़िए का स्वागत किया गया, उनकी समस्याएँ सुनी गईं और उन्हें यथासंभव राहत पहुँचाई गई। शिविर में विशेष रूप से महिला कांवड़ियों के लिए भी अलग से स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई थी, ताकि वे भी निःसंकोच होकर अपनी स्वास्थ्य समस्याएँ बता सकें।

वन मंत्री श्री अरुण कुमार जी का प्रोत्साहन

इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के वन मंत्री श्री अरुण कुमार जी ने समिति के सभी सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सेवा करना वास्तव में पुण्य का कार्य है। ऐसे आयोजनों से समाज में सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। श्री अरुण कुमार जी ने सभी आयोजकों, डॉक्टरों और स्वयंसेवकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी यह सेवा समाज के लिए प्रेरणादायी है और अन्य संस्थाओं को भी इससे सीख लेनी चाहिए।

समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा भावना का संदेश

इस शिविर के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी गया। कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों कांवड़िए लंबी दूरी तय करते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस शिविर ने यह भी सिद्ध कर दिया कि समाज के सभी वर्ग जब एकजुट होकर सेवा के लिए आगे आते हैं, तो किसी भी चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है।

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