Bareillylive (लखनऊ) : उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतकर्ता पूर्व पार्षद दीपक सक्सेना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नगर निगम बरेली के अधिकारियों ने वास्तविक तथ्यों को छुपाकर उनकी शिकायत का गलत निस्तारण किया है। शिकायत सड़क निर्माण में हुई अनियमितता को लेकर दर्ज कराई गई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने पोर्टल पर दो शिकायतें (संख्या: 40015025042364 और 40015025042391) दर्ज कराई थीं। इनमें नगर निगम बरेली के वार्ड संख्या 55 में कर्मचारी नगर कॉलोनी और त्रिवेणी कॉलोनी की दो सड़कों के निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ी का मामला उठाया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि ठेकेदार द्वारा फर्जी एफडीआर लगाए जाने के कारण फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था, लेकिन नियमों के अनुसार दोबारा टेंडर प्रक्रिया नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि निगम द्वारा शिकायत के निस्तारण में कहा गया कि इन कार्यों के लिए टेंडर आमंत्रित ही नहीं किए गए थे।
शिकायतकर्ता दीपक सक्सेना ने अपने पत्र में दावा किया है कि नगर निगम द्वारा निविदा पत्रांक संख्या 2018/अधि० अभि०/नि०वि०/2021-22, दिनांक 28-10-2021 के तहत क्रम संख्या 56 पर इन कार्यों के टेंडर प्रकाशित किए जा चुके हैं। इस आधार पर उसने नगर निगम के अधिकारियों पर पद का दुरुपयोग करते हुए तथ्य छुपाने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देने और दोनों सड़कों का निर्माण कार्य तुरंत पूरा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि ऐसा करने पर पूरा क्षेत्र उनका आभारी रहेगा।





