सरस्वती शिशु मंदिर नैनीताल मार्ग बरेली में हुआ संपन्न सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम
बरेली@BareillyLive: विद्या भारती द्वारा सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर नैनीताल मार्ग में किया गया। यहां मुख्य वक्ता बरेली कॉलेज की प्रो० नीलम गुप्ता ने कहा परिवार वह नींव है जो हमें कुटुंब जोड़़ने के लिए बहुत आवश्यक है, एक सशक्त परिवार संस्कृति का बोध करके ही संपूर्ण समाज की दिशा परिवर्तित कर सकता है।
प्रो० नीलम गुप्ता ने कहा कि हमारे जितने भी त्यौहार हैं वह हमें संदेश देते हैं कि हम जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रकृति और पर्यावरण की गोद में ही पलते हुए ही आगे बढ़ते हैं, इसलिए हमें प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण करने की बहुत बड़ी आवश्यकता है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर अजिता सिंह तिवारी ने देश के विकास में महिलाओं की सक्रिय भूमिका पर कहा महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास होने से ही परिवार समाज और देश सशक्त होता है। आत्मरक्षा और मानसिक सशक्तिकरण पर जोर देने से हम कई क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। इसी के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी होना ही कुशलता की परपूर्णता होगी। एक कुशल ग्रहणी जब अपने परिवार को स्वास्थ्य, शिक्षा, भवन, भोजन, भ्रमण, और भाषा पर ध्यान केंद्रित करती है और निश्चित रूप से ही समाज और देश का विकास संभव हो पाता है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रांत सह संयोजका अर्चना जी ने कहा कि हमारा एक महत्वपूर्ण कार्य है हमारा नागरिक कर्तव्य हमें अपने भारतीय संविधान के प्रति सम्मान रखना चाहिए। हम अपने सभी राष्ट्रीय प्रतीक का सम्मान करें।
कार्यक्रम में प्रियंका जी द्वारा एक रोमांचक प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई जिसको सभी आयी हुए मातृशक्ति ने बहुत ही सराहा गया। आयी हुयी मातृशक्ति ने अपने अनुभव कथन भी कार्यक्रम में रखें। कार्यक्रम का संचालन नीलम मिश्रा ने किया। उन्होंने सप्त शक्ति को जागृत करने के लिए एक संकल्प भी सभी से कराया जिसमें सात शक्तियां कीर्ति, लक्ष्मी, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा को जागृत करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विभिन्न शक्ति रूप महारानी लक्ष्मीबाई, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला, अहिल्याबाई होलकर ने शानदार प्रस्तुति की कार्यक्रम की सफल व्यवस्था में विद्यालय की सभी समर्पित आचार्याओं का विशेष योगदान रहा। अंत में अलका नवीन ने सभी आई हुई मातृशक्ति एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।





