Bareillylive (लखनऊ) : उत्तर प्रदेश की राजधानी में बुधवार को उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस पश्चिम के प्रभारी श्री विशाल चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्री पारस शुक्ला और श्री दीपक शिवहरे के नेतृत्व में सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। कांग्रेस कार्यालय से मार्च निकालते हुए वे राज्य निर्वाचन आयोग की ओर बढ़े, लेकिन रास्ते में पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का कड़ा रुख देख आक्रोशित युवा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर जोरदार नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर इको गार्डन ले जाया गया। यह प्रदर्शन राहुल गांधी द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ मुद्दे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग पर केंद्रित था।
हिरासत से पहले श्री विशाल चौधरी ने कहा, “यह सरकार वोट चोरी रोकने के बजाय युवाओं की आवाज दबाने में लगी हुई है, जो पूरी तरह गलत है।” वहीं प्रदेश अध्यक्ष पारस शुक्ला ने राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि युवा कांग्रेस बेरोजगारी और वोट चोरी के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने सरकार व चुनाव आयोग से मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया निष्पक्ष हो और वोट चोरी रोकी जाए।
यह प्रदर्शन ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान का हिस्सा था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने पोस्टर-बैनर लहराते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा-आरएसएस के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का दावा है कि एसआईआर अभियान में जल्दबाजी से बीएलओ व सुपरवाइजरों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे मानसिक तनाव और हादसे हो रहे हैं। पुलिस ने सुबह से ही कांग्रेस मुख्यालय व निर्वाचन आयोग के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया था। हजरतगंज क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल रहा, लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए आगे आंदोलन की चेतावनी दी है।






