Bareillylive : एसआरएमएस रिद्धिमा में गुरुवार (18 दिसंबर 2025) शाम “साहित्य सरिता” के अंतर्गत चतुर्थ कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें रामू सिंह ( शाहजहांपुर), प्रियांशु त्रिपाठी (बीसलपुर), विवेक ठाकुर (शाहजहांपुर), अनीता मौर्या (कानपुर), अभिषेक अनंत (बदायूं) और मुकेश मीत ( बरेली) ने अपनी रचनाओं के साहित्य प्रेमियों को वाहवाही हासिल की। साहित्य सरिता का आरंभ प्रियांशु त्रिपाठी ने किया। उन्होंने राधा रानी की महिमा को श्रोताओं के सामने रखा। कहा- ‘गोकुल बरसाना की कहानी एक तरफ, यमुना जी का शीतल पानी एक तरफ, एक तरफ हैं सारे वैभव दुनियां के, लेकिन मेरी राधा-रानी एक तरफ। इसके बाद उन्होंने ‘सांझ तले सूरज को ढलते देखा है, और शत्रु को घर में पलते देखा है‘ के साथ कविता ‘दर्द में मुस्कुराना बड़ी बात है, जीतकर हार जाना बड़ी बात है, प्रेम से आप चाहों तो सिर काट लो, युद्ध में जीत पाना बड़ी बात है को सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
कवि रामू सिंह ने ‘ज्ञात रहता है हमें यह, कब गलत, हम कब सही हैं, और रहती याद बातें, कब कहाँ, किसने कही हैं, सुनाया। कवियत्री अनीता मौर्या ‘जिस घर में बुजुर्गों का बसेरा नहीं होता, उस घर में खुशियों का सवेरा नहीं होता, सुनाकर घर में बुजुर्गों की अहमियत को बताया। इसके साथ ही उन्होंने ‘तुम्हारा इश्क़ नर्तन कर रहा है, हमारे मन को चंदन कर रहा है, सुनाकर कर प्रेमियों के दिलों को भी छुआ। विवेक ठाकुर ने ‘भारत का इतिहास शिवाजी राणा के पुरुष का है, मंगल पांडे तात्या टोपे जैसे वीर पुरुष का है’ सुनाकर देशभक्तों की भुजाओं को झंकृत किया और जोश भरा।
कवि अभिषेक अनंत ने ‘मैं हूँ अम्मा के करजवा का टुकड़ा, जरा देखो मेरा प्यारा प्यारा मुखड़ा, दिया जनम तो पालो बाबूजी, मुझे नाले में न डालो बाबूजी’ सुनाकर बेटियों का महत्व बताया। मुकेश मीत ने ‘पैरों तले की ज़मीं, बनाये राखियो राम जी, आदमी को आदमी, बनाये राखियो राम जी’ इंसानियत सुनाया। कार्यक्रम का संचालन कवि रोहित राकेश ने किया। उन्होंने ‘सुबह से घर से निकाल रखा है, मुझको मुश्किल में डाल रखा है, घर जाऊं तो भला जाऊं मैं कैसे, हाथ में एक बेलन संभाल रखा है’ सुनाकर महफिल में हास्य रंग भरा। इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति जी, डा.प्रभाकर गुप्ता, डा.अनुज कुमार, डा.रीता शर्मा और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।






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