Bareillylive : भारत तिब्बत सहयोग मंच (ब्रज प्रांत) के पदाधिकारियों ने शनिवार को स्थानीय तिब्बती रिफ्यूजी मार्केट का दौरा कर व्यापारियों का कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर संगठन के नेताओं ने तिब्बती समुदाय की समस्याओं को गौर से सुना तथा हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। बरेली के हृदय स्थल पर स्थित इस मार्केट में तिब्बती शरणार्थियों द्वारा संचालित दुकानें वर्षों से सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बनी हुई हैं, जहां ऊनी वस्त्र, हस्तशिल्प और पारंपरिक सामग्री उपलब्ध होती है।
ब्रज प्रांत के अध्यक्ष शैलेंद्र विक्रम एवं उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने मार्केट का पैदल भ्रमण किया तथा व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। मार्केट के प्रधान तंजिन से विस्तृत वार्ता के दौरान शैलेंद्र विक्रम ने कहा, “तिब्बती समुदाय को किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर भारत तिब्बत सहयोग मंच तत्काल सहायता के लिए सदैव तैयार है। हमारा संगठन आदरणीय इंद्रेश जी भाई साहब के मार्गदर्शन में कार्य करता है, जिनका विशेष संदेश है कि तिब्बती भाइयों को भारत में पूर्ण अपनापन का अनुभव हो और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न आए।”
विक्रम ने तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ये व्यापारी न केवल आर्थिक रूप से सक्रिय हैं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पंकज गोयल भी उपस्थित रहे। उनके तत्वाधान में पदाधिकारियों ने अपनी पिछली तवांग यात्रा के आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। गोयल ने व्यापारियों से कहा, “तवांग के प्राचीन मठों में बिताए पलों ने भारत-तिब्बत के गहन सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत किया। बौद्ध दर्शन और हिंदू परंपराओं के बीच समानताएं हमें एक सूत्र में बांधती हैं। हमें आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिए संयुक्त प्रयास करने चाहिए।” व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं जैसे बाजार में पार्किंग की कमी, बिजली व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की, जिस पर संगठन ने तत्काल समाधान का वादा किया।
बाजार प्रांगण में आयोजित इस बैठक में आगामी 7 जनवरी को स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस कार्यक्रम में तिब्बती संस्कृति के कार्यक्रम, लोकनृत्य, भजन और भारत-तिब्बत मैत्री पर व्याख्यान होंगे। इससे दोनों समुदायों के बीच बंधन और मजबूत होंगे। संगठन ने तिब्बती मार्केट को साफ-सुथरा बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के सुझाव भी दिए। यह दौरा भारत-तिब्बत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।






Leave a Reply