’युवा संवाद 2026’ में पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने युवाओं को दिया राजनीति और समाज सेवा का मंत्र
बरेली@BareillyLive. स्वामी विवेकानन्द की 163वीं जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को सिविल लाइंस स्थित डॉ. प्रमेन्द्र माहेश्वरी के सभागार में ’युवा संवाद 2026’ विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। युवाओं को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने सामाजिक, शैक्षिक और राजनैतिक प्रतिनिधित्व हेतु युवाओं से स्वयं आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक बीडीसी सदस्य से शुरू कर दो बार सांसद, विधायक और मंत्री पद तक का सफर तय किया जा सकता है। निष्ठा और प्रयास से कोई भी युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, पूर्व सांसद (आंवला) धर्मेंद्र कश्यप ने स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
भारत तिब्बत सहयोग मंच के ब्रज प्रांत अध्यक्ष शैलेन्द्र विक्रम न कहा कि 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद रूपी उस ’ऊर्जा’ को याद करने का दिन है जिसने भारत को नई चेतना दी। उन्होंने जोर दिया कि हमारे पूर्वजों ने लहू से ’स्वराज्य’ प्राप्त किया, लेकिन अब समय ’स्वतंत्रता से सार्थकता’ की ओर बढ़ने का है। उन्होंने सुराज्य के तीन मुख्य सूत्र – व्यक्ति निर्माण, कर्तव्य बोध और तकनीक-अध्यात्म का संगम युवाओं के सम्मुख रखे। उन्होंने कहा कि युवाओं को ‘Job Seekers’ के बजाय ‘Solution Providers’ बनना होगा।
कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में वरिष्ठ चिकित्सक एवं आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रमेन्द्र माहेश्वरी ने स्वामी जी के दर्शन कि सफलता प्राप्त होने तक रूको नहीं, का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने सभी का आभार भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम में चर्चा के दौरान डॉ. शैलेश सिंह का विशेष स्मरण किया गया, जिन्होंने वर्षों पूर्व इस संवाद के सिलसिले को प्रारंभ किया था। बिथरी ब्लॉक प्रमुख हरेन्द्र पटेल ने युवाओं से स्वामी जी के मार्ग पर चलने का आह्वान किया, वहीं डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने युवाओं से समाज हेतु उपयोगी सिद्ध होने की अपील की।
गणमान्य जन की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विवेक पटेल, सुमित कनौजिया, अमित शर्मा, सुमेन्द्र पाल, अमित कुमार मौर्य सहित अनेक गणमान्य बुद्धिजीवी और युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन स्वामी जी के प्रसिद्ध उद्घोष “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए“ के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।






Leave a Reply