Bareillylive : एसआरएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स के रिद्धिमा सभागार में रविवार शाम फाल्गुन की फुहार ‘रंग रसिया’ का भव्य आयोजन हुआ। गायन एवं वादन के गुरुजनों और उनके विद्यार्थियों ने होली गीतों से श्रोताओं को रंगों की वर्षा में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम ने बसंत पंचमी से होली तक के उत्सव का शानदार आगाज किया।
इंस्ट्रूमेंटल से शानदार शुरुआत
कार्यक्रम का उद्घाटन इंस्ट्रूमेंटल गुरुओं ने शास्त्रीय संगीत से किया। वायलिन पर सूर्यकांत चौधरी, परकशन पर सुरेंद्र, की-बोर्ड पर अनुग्रह सिंह, गिटार पर विशेष सिंह, ढोलक-पखावज पर ऋषभ आशीष पाठक, तबला पर दीपकांत जौहरी, सितार पर सीमा तथा हारमोनियम पर दीपक राना ने सुरिली धुनें बिखेरीं। इन वादकों ने होली के रागों को शास्त्रीय अंदाज में प्रस्तुत कर माहौल को होलीमय बना दिया। दर्शक इन तारों की झनकार में खो गए।
गायन गुरुओं की रंगीन प्रस्तुतियां
गायन गुरु सात्विक मिश्रा ने विद्यार्थियों मानसी टंडन, गीतू अरोड़ा, अंशुमा अग्रवाल, असोक आनंद, सोनम गौल, अनुग्रह के साथ ‘मसान में होरी दिगंबर’ और ‘मेरा मुर्शीद खेले होली’ गीत गाए। प्रियंका ग्वाल ने ‘होली आई रे पिया जी रे’ से रंग भरे। सात्विक मिश्रा ने डॉ. रीता शर्मा संग ‘होली खेलो री राधा संभल के’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। इंदू परडल ने ‘सकल बन फूल रही सरसों’ से बसंत का चित्रण किया। सात्विक मिश्रा एवं प्रियंका ग्वाल ने ‘अरे जा रे हट नटखट’ से ठहाके लगवाए। अंत में गुरुजनों, इंदू परडल एवं विद्यार्थियों अंशुमा-शालिनी ने होली गीतों की पैरोडी से रंगों की बारिश की, जिस पर श्रोता देर तक सराबोर रहे।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति, आदित्य मूर्ति, उषा गुप्ता, सुभाष मेहरा, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. शैलेश सक्सेना, डॉ. आशीष कुमार तथा शहर के गण्यमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस आयोजन ने रिद्धिमा को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया। एसआरएमएस की यह पहल होली उत्सव को शास्त्रीय संगीत से समृद्ध करती है।






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