24 से बढ़ाकर 30 दिन का मानदेय देने, प्रति विजिट 700 रुपये करने और राज्य स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
बरेली। आशा संगिनियों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर आशा संगिनी स्वास्थ्य संघ उत्तर प्रदेश की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया। आशा संगिनी मंजू गंगवार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मानदेय बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।
आशा संगिनियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत सहायकों के मानदेय में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन आशा संगिनियों के मानदेय में वृद्धि को लेकर अभी तक कोई घोषणा या शासनादेश जारी नहीं किया गया है। इससे आशा संगिनियों में नाराजगी है और वे अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं।
24 दिन की जगह 30 दिन का मानदेय देने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में आशा संगिनियों को 24 आशाओं के साथ 24 दिन के कार्य का मानदेय दिया जाता है। संघ ने इसे बढ़ाकर 30 दिन किए जाने की मांग की है। साथ ही अन्य विभागों में कार्यरत सुपरवाइजरों की तर्ज पर आशा संगिनियों को भी आवश्यक सुविधाएं और सम्मानजनक वेतन देने की मांग रखी गई।
प्रति विजिट 700 रुपये और हर साल 20 प्रतिशत बढ़ोतरी
आशा संगिनियों ने महंगाई को देखते हुए वर्तमान में प्रति विजिट मिलने वाले 300 रुपये के मानदेय को बढ़ाकर 700 रुपये करने की मांग की। इसके अलावा आशा संगिनियों को राज्य स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय में हर वर्ष 20 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
मृत्यु होने पर आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की सहायता
संघ ने मांग की कि किसी आशा संगिनी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके आश्रित को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। भुगतान में किसी प्रकार की कटौती होने पर संबंधित आशा संगिनी को इसकी लिखित सूचना देने तथा बिना उचित कारण मानदेय में कटौती नहीं करने की मांग भी उठाई गई।
मोबाइल रिचार्ज और भुगतान व्यवस्था में बदलाव की मांग
ज्ञापन में आशा संगिनियों के मोबाइल रिचार्ज की राशि 250 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये करने की मांग की गई। इसके साथ ही न्यूनतम मानदेय लागू करने, प्रत्येक माह की 3 तारीख तक मानदेय खातों में भेजने और सभी भुगतान ई-कवज पोर्टल के माध्यम से किए जाने की मांग रखी गई।
आशा संगिनियों ने मुख्यमंत्री से उनकी समस्याओं और मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने तथा लंबित मांगों के संबंध में जल्द से जल्द शासनादेश जारी करने की मांग की है।
आशा संगिनियों की प्रमुख मांगें
- मानदेय को 24 दिन से बढ़ाकर 30 दिन किया जाए।
- प्रति विजिट मानदेय 300 से बढ़ाकर 700 रुपये किया जाए।
- आशा संगिनियों को राज्य स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
- मानदेय में हर वर्ष 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए।
- मृत्यु होने पर आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
- मोबाइल रिचार्ज की राशि 250 से बढ़ाकर 350 रुपये की जाए।
- हर माह 3 तारीख तक मानदेय का भुगतान किया जाए।
- बिना कारण मानदेय में कटौती न की जाए और कटौती की लिखित सूचना दी जाए।
- सभी भुगतान ई-कवज पोर्टल के माध्यम से किए जाएं।






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