bareillylive@bareillynews:बरेली। भोजीपुरा थाना पुलिस ने सरकारी योजना के नाम पर लोगों को झांसा देकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से लाखों रुपये का लोन स्वीकृत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3.50 लाख रुपये नकद, 75 एटीएम कार्ड, 28 चेकबुक, सात बैंक पासबुक, 12 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, आधार-पैन कार्ड और बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गिरोह का एक आरोपी अभी फरार है।
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत भोजीपुरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार देर रात करीब 1:27 बजे मॉडर्न विलेज स्थित एक मकान में दबिश दी। मौके से राम नयन गुप्ता उर्फ कृष्ण कन्हैया, राकेश गुप्ता, अनिल गुप्ता और ऋषभ कुमार सक्सेना को गिरफ्तार किया गया।
ऐसे तैयार करते थे फर्जी दस्तावेज
पुलिस के मुताबिक गिरोह पहले लोगों के आधार कार्ड पर नया सिम जारी कराकर उनका पता बदल देता था। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर फर्जी परिचय पत्र, फॉर्म-16 और वेतन पर्चियां तैयार की जाती थीं। खातों में दो-तीन महीने तक वेतन के नाम पर रकम ट्रांसफर कर संबंधित व्यक्ति को सरकारी कर्मचारी बताया जाता था।
इसके बाद अच्छी सिबिल दिखाकर बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों से 15 से 20 लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत कराया जाता था। पुलिस का दावा है कि लोन स्वीकृत होने के बाद गिरोह लाभार्थी को प्रधानमंत्री योजना के तहत लोन मिलने की बात कहकर भ्रमित करता था।
20 लाख का लोन कराया, लाभार्थी को मिले सिर्फ 71 हजार
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह लोन की रकम में से लाभार्थी को मामूली हिस्सा देता था और बाकी रकम चेक व एटीएम के जरिए निकालकर आपस में बांट लेता था। पुलिस के अनुसार लखीमपुर खीरी निवासी एक व्यक्ति के नाम पर 20 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया, लेकिन उसे सिर्फ 71 हजार रुपये दिए गए। शेष रकम आरोपियों ने कथित तौर पर हड़प ली।
पुलिस ने मौके से कैनरा बैंक की मुहर, फर्जी वेतन पर्चियां, पहचान पत्र, आधार-पैन कार्ड, चेकबुक, पासबुक और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।






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