bareillylive : श्री रानी महालक्ष्मी बाई रामलीला समिति, चौधरी मोहल्ला के तत्वाधान में आयोजित हो रही 459वीं श्रीरामलीला के अंतर्गत रामलीला मैदान बड़ा भाग में आज विभीषण शरणागति, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध जैसे रोमांचक व युद्ध रस से भरपूर प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। लंका दहन के बाद विभीषण ने रावण को सीता जी को ससम्मान वापस लौटाने की सलाह दी, जिससे क्रोधित रावण ने उन्हें लात मारकर लंका से निकाल दिया। इसके बाद समुद्र पार कर प्रभु श्रीराम की शरण में पहुँचे विभीषण को श्रीराम ने तुरंत गले लगाया और लंका विजय से पूर्व ही समुद्र तट पर उनका जलाभिषेक कर राज्याभिषेक किया। शरणागत वत्सल श्रीराम का यह दृश्य दर्शकों को भावविभोर कर गया।
इसके बाद लंका में शांति का अंतिम प्रस्ताव लेकर पहुँचे वीर बालीपुत्र अंगद और रावण के बीच हुए ऐतिहासिक संवाद ने दर्शकों का पूरा ध्यान खींचा। रावण की भरी सभा में अंगद द्वारा अपना पैर जमा देने और महाबलियों द्वारा उसे हिला तक न पाने के दृश्य पर मैदान में जयकारों की गूँज उठी। युद्ध के दौरान मेघनाद के अमोग बाण से लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए। लक्ष्मण शक्ति के इस कारुणिक प्रसंग पर हजारों श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं। सुषेण वैद्य की सलाह पर हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने के बाद लक्ष्मण जी को जीवनदान मिला।
अंत में रावण द्वारा जगाए गए महाकाय राक्षस कुंभकर्ण के युद्धक्षेत्र में उतरने और प्रभु श्रीराम के हाथों भीषण संग्राम के बाद हुए कुंभकर्ण वध के सजीव मंचन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। विशालकाय पुतले, आधुनिक तकनीक, विशेष ध्वनि प्रभावों और जीवंत अभिनय के साथ गगनभेदी आतिशबाजी ने पूरे मैदान को ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गुंजायमान कर दिया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा ने कहा कि 459 वर्षों की यह ऐतिहासिक रामलीला आस्था और सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। विभीषण शरणागति और कुंभकर्ण वध के प्रसंग यह संदेश देते हैं कि अधर्म का साथ देने वाले का विनाश निश्चित है, जबकि भगवान राम सदैव शरणागत की रक्षा करते हैं।
महाप्रबंधक श्रेयांश बाजपेई ने बताया कि प्रस्तुतियों को आधुनिक तकनीक और ध्वनि प्रभावों के साथ प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। उन्होंने कहा कि भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, यातायात व्यवस्था और पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की गई है। समिति के मंत्री शशीकांत गौतम ने दर्शकों की सराहना का उल्लेख किया।
मेला प्रबंधक प्रतीक अरोरा की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में यजमानों ने प्रभु की आरती उतारी। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, विजय मिश्रा, महामंत्री शिवनारायण दीक्षित, धीरेंद्र शुक्ला, बृजेश प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी समर्थ गौतम, अभिषेक मिश्रा, आदित्य शुक्ला, यश चौधरी, हर्ष अग्रवाल, आकाश गंगवार सहित अनेक विशिष्ट जन और पदाधिकारी उपस्थित रहे।






Leave a Reply