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बरेली की धरती से गायों के नस्ल सुधार का आगाज, बीएल एग्रो करेगा ₹1,500 करोड़ का निवेश

bareillylive@bareillynews:कैटल जीनोमिक्स समिट-2026 में बड़ा ऐलान, बरेली में जेनेटिकली सेलेक्टेड गिर बछड़ों का हुआ लाइव जन्म

बरेली। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में नस्ल सुधार की दिशा में बरेली से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। बीएल एग्रो ने अपनी बायोटेक्नोलॉजी सहायक कंपनी लीड्स जेनेटिक्स में ₹1,500 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। कंपनी का उद्देश्य जेनेटिक्स, ब्रीडिंग, पशु स्वास्थ्य, पोषण, दूध उत्पादन और प्रोसेसिंग को एक साथ जोड़कर इंटीग्रेटेड डेयरी एवं जेनेटिक्स इकोसिस्टम विकसित करना है।

यह घोषणा बरेली स्थित बीएल कामधेनु फार्म्स में आयोजित दो दिवसीय कैटल जीनोमिक्स समिट-2026 के दौरान की गई। समिट में भारत के पहले जेनेटिकली सेलेक्टेड एलीट गिर बछड़ों का बरेली में लाइव जन्म भी हुआ। इसे भारत-ब्राजील पशु आनुवंशिकी सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।

40 से 60 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन की उम्मीद

कंपनी के अनुसार, जेनेटिकली सेलेक्टेड गायों से प्रतिदिन औसतन 40 से 60 लीटर तक दूध उत्पादन की उम्मीद है। बेहतर आनुवंशिक चयन के जरिए पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के साथ डेयरी किसानों की आय में वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

लीड्स जेनेटिक्स के बरेली स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वर्ष 2027 के अंत तक हर महीने 15 हजार भ्रूण तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आईवीएफ-ईटी, एमओईटी, पैथोलॉजी और जीनोमिक्स प्रयोगशालाओं के साथ इन-हाउस ब्रीड इम्प्रूवमेंट फार्म विकसित किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विस्तार की तैयारी

कंपनी इस मॉडल को उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, बिहार और मध्य प्रदेश में विस्तार देने के लिए बातचीत कर रही है। समिट में जीनोमिक्स, आईवीएफ, एडवांस्ड सीक्वेंसिंग और डेटा आधारित ब्रीडिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती पुष्पा पांडे और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रश्मि पटेल समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग शामिल हुए।

बेहतर जेनेटिक्स से बढ़ेगी किसानों की आय

बीएल एग्रो के चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने कहा कि बेहतर जेनेटिक्स से पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी इजाफा होगा। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य देश में ही एलीट बुल्स, भ्रूण और सेक्स्ड सीमेन तैयार करना है, जिससे पशु आनुवंशिकी के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।

इस पहल से बरेली को आधुनिक पशु आनुवंशिकी, नस्ल सुधार और डेयरी तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी उम्मीदें बढ़ी हैं।

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