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ईद मिलादुन्नबी पर निकला जुलूसे मोहम्मदी, हजारों अकीदतमंद हुए शामिल

ईद मिलादुन्नबी पर निकला जुलूसे मोहम्मदी, हजारों अकीदतमंद हुए शामिल 1

दरगाह शाह शराफत मियां से निकला जुलूसे चादरपोशी और जुलूसे मोहम्मदी, दरगाह हजरत बशीर मियां पर हुई चादरपोशी व गुलपोशी

bareillylive@bareillynews:बरेली। ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को खानकाह-ए-सकलैनिया शराफतिया से दरगाह हजरत शाह मोहम्मद बशीर मियां रहमतुल्लाह अलैह, गुलाबनगर शरीफ के लिए पारंपरिक जुलूसे चादरपोशी निकाला गया। सज्जादानशीन हजरत शाह मोहम्मद गाजी मियां की सरपरस्ती और कयादत में निकले जुलूस में शहर के साथ ही दूर-दराज से पहुंचे हजारों अकीदतमंद शामिल हुए।

जुलूस सुबह करीब 10 बजे खानकाह-ए-सकलैनिया शराफतिया से रवाना हुआ। विभिन्न मार्गों से होता हुआ जुलूस दरगाह हजरत शाह मोहम्मद बशीर मियां रहमतुल्लाह अलैह के मजार-ए-पाक पर पहुंचा। यहां सज्जादानशीन हजरत गाजी मियां ने चादरपोशी और गुलपोशी की। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान, शांति, भाईचारा, इत्तेहाद और आपसी सौहार्द कायम रहने की दुआ की गई।

तबर्रुकात की कराई गई जियारत

चादरपोशी के बाद फातिहाख्वानी हुई। परंपरा के मुताबिक जायरीन और अकीदतमंदों को हुजूर नबी-ए-करीम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम और सिलसिले के बुजुर्गों से मंसूब पाकीजा तबर्रुकात की जियारत कराई गई। अकीदतमंदों ने अदब व एहतराम के साथ दुरूद-ओ-सलाम पेश किया और मुल्क व कौम की खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं।

बग्गी पर सवार होकर गाजी मियां ने शुरू कराया जुलूस

दरगाह हजरत बशीर मियां से परंपरानुसार जुलूसे मोहम्मदी का आगाज हुआ। सज्जादानशीन हजरत गाजी मियां घोसियान मस्जिद से बग्गी पर सवार होकर जुलूस में शामिल हुए। जुलूस गुलाबनगर, बानखाना, कोहाड़ापीर, नैनीताल रोड और कुतुबखाना होते हुए दरगाह शाह शराफत मियां पहुंचा।

रास्ते में जगह-जगह जुलूस का अकीदत और मोहब्बत के साथ इस्तकबाल किया गया। ‘सरकार की आमद मरहबा, आका की आमद मरहबा’ के नारों से माहौल गूंजता रहा। जगह-जगह फातिहाख्वानी, लंगर और शर्बत की सबील का इंतजाम किया गया था।

नात और दुरूद-ओ-सलाम से गूंजता रहा माहौल

जुलूस में शामिल अंजुमनों की ओर से अदब व एहतराम के साथ नात शरीफ पेश की गई। अकीदतमंद लगातार दुरूद-ओ-सलाम का विर्द करते रहे। पूरे रास्ते रूहानी और नूरानी माहौल बना रहा।

जुलूस की व्यवस्थाओं में अल्हाज सादकैन मियां, हाफिज गौसी मियां, मौलाना रुम्मान कादरी, मुर्तुजा सकलैनी, इंतिखाब सकलैनी, हमजा सकलैनी, हाजी लतीफ सकलैनी, मुंतसिब सकलैनी, हाफिज जाने आलम, मन्ना सकलैनी, आफताब आलम, इंतिजार हुसैन, खुर्रम सकलैनी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

कुतुबखाना पर हुआ जोरदार इस्तकबाल

जुलूसे मोहम्मदी का कुतुबखाना चौराहे पर हर वर्ष की तरह इस बार भी पुरजोश अंदाज में स्वागत किया गया। मोहिब्बाने गाजी-ओ-सकलैन फाउंडेशन और दरगाह शाह शराफत मियां पर फैजाने शाह सकलैन फाउंडेशन की ओर से जुलूस में शामिल अंजुमनों का गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया।

अंजुमनों के सदर और पदाधिकारियों को यादगार के तौर पर तोहफे भी दिए गए। नात-ओ-मिलाद, दुरूद-ओ-सलाम की सदाओं से कुतुबखाना चौराहा भी नूरानी माहौल में नजर आया। जायरीन और जुलूस में शामिल लोगों के लिए लंगर और शर्बत की सबील का भी इंतजाम किया गया।

आयोजकों ने कहा कि जुलूसे मोहम्मदी का इस्तकबाल मोहब्बत-ए-रसूल और बुजुर्गाने दीन से अकीदत का इजहार है। कार्यक्रम का समापन मुल्क में अमन, शहर में भाईचारे और आपसी सौहार्द कायम रहने की दुआ के साथ हुआ।

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