bareillylive@bareillynews:उर्स-ए-रज़वी के मौके पर विशेष रूप से सक्षम लोगों को दिए गए उपकरण, हाथ-पैर से असमर्थ लोगों को मिली इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल
बरेली। उर्स-ए-रज़वी के अवसर पर मरकज़े अहले सुन्नत वेलफेयर ट्रस्ट (मरकज़ एड) की ओर से इंसानियत की सेवा का संदेश देते हुए विशेष रूप से सक्षम लोगों को ट्राइसाइकिल और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। कांकर टोला स्थित ख़ानकाहे अमीने शरीअत के पास आयोजित कैंप में जरूरतमंदों को यह सहायता प्रदान की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दरगाह अमीने शरीअत के सज्जादानशीं, नबीरा-ए-आला हज़रत व उस्ताद-ए-ज़मन हज़रत मुफ्ती सलमान रज़ा ख़ां साहब ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में नबीरा-ए-आला हज़रत और आरएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आगाज़ हाफिज इमरान रज़ा बरकाती ने तिलावत-ए-क़ुरआन से किया। इसके बाद मेहमानों की दस्तारबंदी की गई। कैंप में विशेष रूप से सक्षम लोगों को एक-एक कर ट्राइसाइकिलें वितरित की गईं। सहायता पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी नजर आई।
ट्रस्ट की ओर से यह मदद बिना किसी भेदभाव के मुस्लिम और गैर-मुस्लिम दोनों जरूरतमंदों को दी गई। जिन लोगों के हाथ-पैर इतने सक्षम नहीं थे कि वे सामान्य ट्राइसाइकिल चला सकें, उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल प्रदान की गई।
ट्राइसाइकिल पाने वालों में तौफीक अहमद, इशाक़त शाह, राशिद, शिव शंकर, इंतज़ार अहमद, मुहम्मद सलीम, मुहम्मद समर, मुहम्मद नईम, मुहम्मद फ़रमान, मरियम फ़ातिमा, यासमीन, शाकिरा, सलमा, राजदा, फ़रियाल फ़ातिमा और आयशा समेत कई लोग शामिल रहे।
इस अवसर पर मरकज़े अहले सुन्नत वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष हाजी मोहसिन हसन ख़ान नूरी ने कहा कि आला हज़रत के उर्स के मौके पर इंसानियत की खिदमत का पैगाम आम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह प्रयास एक बड़े मिशन का रूप लेगा।
कार्यक्रम के अंत में सलाम पेश किया गया और मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने दुआ कराई। इससे पहले ट्रस्ट की ओर से मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम का संचालन नासिर क़ुरैशी ने किया। इस मौके पर नाज़िल रज़ा, विक्की ख़ान, हस्सान रज़ा, शाहनवाज़ ख़ान, आफ़ताब हुसैन, इमरान, साहिल, नदीमउद्दीन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी के साथ मुफ़्ती उमर रज़ा, हाफिज इमरान रज़ा बरकाती, मुशाहिद रफ़त, हनीफ़ अज़हरी, सय्यद मुर्शरफ़, अब्दुल लतीफ़ क़ुरैशी और सईद सिब्तैनी आदि भी शामिल रहे।






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