bareillylive@bareillynews: हेल्पलाइन नंबर जारी, तीनों दिन सक्रिय रहेंगी आरएसी की टीमें, लंगर, मेडिकल कैंप और चादरों के जुलूस की तैयारियां पूरी
बरेली। आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खां फ़ाज़िले बरेलवी के 108वें उर्स-ए-रज़वी के मद्देनज़र ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी (आरएसी) ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आरएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नबीरा-ए-आला हज़रत मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी (अदनान मियां) ने आरएसी मुख्यालय “बैतुर्रज़ा” में समीक्षा बैठक कर उर्स के तीनों दिनों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वॉलंटियर्स को हेल्पलाइन कार्ड वितरित करते हुए जायरीन की सेवा में पूरी तत्परता से जुटने के निर्देश दिए।
बैठक में उर्स के दौरान लंगर, हेल्पलाइन कैंप, मेडिकल कैंप, चादरों के जुलूस और जायरीन की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अदनान मियां ने कहा कि आरएसी के हजारों वॉलंटियर्स तीनों दिन विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगे, ताकि बाहर से आने वाले जायरीन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर रज़ा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए, जिन्हें पोस्टर, होर्डिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
तीन दिन का कार्यक्रम
उर्स के पहले दिन 6 अगस्त को इशा की नमाज़ के बाद मरकज़ी मस्जिद बीबी जी में नातिया मुशायरा आयोजित होगा। दूसरे दिन 7 अगस्त को इशा की नमाज़ के बाद मुफ़्ती-ए-आज़म हिंद कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें नात-मनक़बत के साथ उलमा के बयान होंगे। इसी रात 1:40 बजे हुज़ूर मुफ़्ती-ए-आज़म हिंद का कुल शरीफ़ अदा किया जाएगा।
उर्स के अंतिम दिन 8 अगस्त को सुबह से ही ख्वाजा कुतुब स्थित आरएसी मुख्यालय “बैतुर्रज़ा” पर जलसे का आयोजन होगा। दोपहर 2:38 बजे आला हज़रत का कुल शरीफ़ संपन्न होगा।
लंगर, मेडिकल कैंप और ठहरने की व्यवस्था
उर्स के पहले दिन से ही आरएसी मुख्यालय “बैतुर्रज़ा” पर लंगर-ए-आम शुरू हो जाएगा, जो तीनों दिन लगातार चलेगा। इसके अलावा ख्वाजा कुतुब, खलील स्कूल, करौलान और अन्य स्थानों पर भी लंगर की व्यवस्था रहेगी। कुल्हाड़ापीर पर 7 और 8 अगस्त को पानी और शर्बत का सबील लगाया जाएगा।
6 अगस्त से बिहारीपुर में मेडिकल कैंप भी शुरू होगा, जहां जायरीन को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मेहमानखानों, मरकज़ी मस्जिद बीबी जी सहित कई मकानों और हॉल की व्यवस्था भी की गई है।
जिलेभर से आएंगे चादरों के जुलूस
बैठक में बताया गया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चादरों के जुलूस दरगाह आला हज़रत पहुंचेंगे। 6 अगस्त को जेड़ क्षेत्र से बड़ा चादर जुलूस निकलेगा, जबकि 7 अगस्त को खजुरिया, रिठौरा, मनहेरा, छुटलापुर, गैनी, बिथरी चैनपुर, सेंथल, जोगी नवादा, बिहार कलां, इस्लाम नगर, फतेहगंज पश्चिमी, हाफिज़गंज, कांकर टोला सहित कई क्षेत्रों से अकीदतमंद चादर लेकर पहुंचेंगे। इन सभी जुलूसों के साथ आरएसी के कार्डधारक वॉलंटियर्स भी मौजूद रहेंगे।
सीमाओं पर भी तैनात रहेंगी आरएसी की टीमें
अदनान मियां ने बताया कि जिले की सभी प्रमुख सीमाओं पर भी आरएसी की सहायता टीमें तैनात की गई हैं। पीलीभीत मार्ग पर नवाबगंज, बदायूं मार्ग पर आंवला, शाहजहांपुर मार्ग पर फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी, रामपुर मार्ग पर मीरगंज तथा उत्तराखंड की ओर से आने वाले जायरीन के लिए बहेड़ी में वॉलंटियर्स तैनात रहेंगे। ये टीमें जायरीन को मार्गदर्शन और हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगी।
बैठक में हाफिज़ इमरान रज़ा बरकाती, मौलाना कमरुज्जमा, मौलाना नईम अख्तर, मौलाना तौकीर रज़ा, राजू बाबा, मुज़फ्फर अली, हनीफ अज़हरी, सय्यद मुशर्रफ हुसैन, सईद सिब्तैनी सहित आरएसी के अनेक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






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