bareillylive@bareillynews:बरेली। बरेली कॉलेज में फीस वृद्धि को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को समाजवादी पार्टी की छात्र सभा ने प्राचार्य कार्यालय के सामने हस्ताक्षर अभियान चलाकर बढ़ी हुई फीस वापस लेने की मांग की। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न मदों के नाम पर फीस में 1200 से लेकर करीब 2000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। उनका कहना है कि फीस वृद्धि के आधार और संबंधित मदों की स्पष्ट जानकारी कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रों को नहीं दी जा रही है।
प्राचार्य कार्यालय के सामने बोर्ड लगाकर छात्रों से फीस वृद्धि के विरोध में हस्ताक्षर कराए गए। इस दौरान सपा नेताओं और छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन से बढ़ी हुई फीस तत्काल वापस लेने की मांग की। छात्रों का कहना है कि नगर निगम टैक्स, वोकेशनल और अन्य मदों को जोड़कर फीस में काफी वृद्धि की गई है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
सपा नेता डॉ. अनीस बेग ने कहा कि बरेली कॉलेज में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। ऐसे में अचानक फीस बढ़ाना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो हजार रुपये तक फीस बढ़ाई गई है और इस वृद्धि के संबंध में शासन या विश्वविद्यालय स्तर से स्पष्ट अनुमति होने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कॉलेज में शिक्षा के स्तर में गिरावट का मुद्दा भी उठाया। कहा कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
छात्र नेता रवि पंडित ने कहा कि फीस वृद्धि का मामला लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया जा रहा है, लेकिन कॉलेज प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई फीस वापस नहीं ली गई तो हस्ताक्षर अभियान के बाद आंदोलन तेज किया जाएगा। छात्रों ने कॉलेज बंद कराने की भी चेतावनी दी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
एमए अर्थशास्त्र के छात्र जावेद गद्दी ने दावा किया कि अलग-अलग मदों में फीस 1200 से 1500 रुपये तक बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि वोकेशनल, नगर निगम टैक्स समेत अन्य मदों के नाम पर राशि ली जा रही है, लेकिन उसका स्पष्ट विवरण विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय अधिनियम में फीस वृद्धि के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया।
छात्रों ने मांग की कि बढ़ी हुई फीस तत्काल वापस ली जाए। जिन विद्यार्थियों ने संशोधित फीस जमा कर दी है, उन्हें अतिरिक्त राशि लौटाई जाए। छात्र नेताओं के मुताबिक, इस मामले में कॉलेज प्रशासन से पहले भी वार्ता हो चुकी है और आगे भी वार्ता प्रस्तावित है। मांगें पूरी नहीं होने पर क्रमिक आंदोलन, भूख हड़ताल और अनशन की चेतावनी दी गई है।
समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव कुर्मी हरेंद्र सिंह कन्नौजिया ने दावा किया कि कुछ विद्यार्थियों की फीस करीब 1200 रुपये से बढ़ाकर 3800 रुपये तक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि का सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर पड़ेगा।
समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष स्मिता यादव ने भी फीस वृद्धि का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं बरेली कॉलेज की छात्रा रही हैं और यहां लंबे समय से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करते रहे हैं। फीस बढ़ोतरी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। मांग नहीं मानी गई तो छात्र अपने स्तर से आंदोलन जारी रखेंगे।
फिलहाल फीस वृद्धि को लेकर छात्रों का विरोध जारी है। हस्ताक्षर अभियान के जरिये समर्थन जुटाया जा रहा है। अब कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच प्रस्तावित वार्ता में विवाद के समाधान पर नजर रहेगी।
ये रहे मौजूद: डॉ. अनीश बेग, स्मिता यादव, परवेश यादव, नरेंद्र यादव दीपू, रवि पंडित, लखपत यादव, अनिकेत यादव, एलिजा खान, सिमरन, शिल्पी यादव, प्रियंका मिश्रा, आकांक्षा मिश्रा, हिरदेश यादव, मुकेश यादव, दीपा शर्मा, अंजली अग्निहोत्री, पंकज यादव, गजेंद्र यादव समेत कई छात्र और छात्र नेता मौजूद रहे।






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