-फोन पर गैस बुक कराने को दो दिन से जूझ रहे हैं उपभोक्ता, नहीं मिल रही सफलता
नंबर मिलाने पर सुविधा उपलब्ध नहीं है या रूट की सभी लाइने व्यस्त का आ रहा है संदेश
बरेली: पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते पैदा हुई रसोई गैस की किल्तत अब अपने शहर में भी असर दिखाने लगी है।इंडेन गैस एजेंसी के बुकिंग नंबर कोई रिस्पॉस नहीं दे रहे हैं। उपभोक्ता दो दिन से फोन नंबर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें इस रूट की सभी सेवाएं व्यस्त हैं या यह सुविधा उपलब्ध नहीं है जैसे संदेश मिल रहे हैं।इसके चलते उपभोक्ता भी बड़ी दुविधा में पड़ गये हैं।कॉमर्शियल की आपूर्ति पहले से ही रोकी जा चुकी है और अब घरेलू गैस बुक न होने से लोग भविष्य की आशंका को लेकर हड़बड़ी में आ गये हैं।
उपभोक्ताओं को सता रही चिंता
खाड़ी में पिछले करीब 15 दिन से युद्ध के हालात बने हुए हैं। इसके चलते न केवल आयात-निर्यात पर असर पड़ा है, बल्कि तेल गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार ने वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति रोककर घरेलू गैस आपूर्ति सुचारू बनाये रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यह तो अच्छा कदम था, लेकिन इधर दो दिन से बरेली शहर में गैस बुक न होने से उपभोक्ता तनाव महसूस कर रहे हैं।शहरी लोगों के लिए भोजन पकाने के लिए ईंधन के रूप में एकमात्र विकल्प एलपीजी गैस ही बची है।अब यह भी न मिली तो भोजन कैसे पकेगा यही चिंता उन्हें सता रही है।
अब 25 दिन में मिलेगा सिलेंडर
इस समस्या पर रुहेलखंड गैस एजेंसी के मैनेजर बबलू श्रीवास्तव से बात की गई तो पता चला घरेलू गैस आपूर्ति में रोस्टिंग शुरू कर दी गई है।उन्होंने बताया कि पहले इसे 21 दिन किया गया था जिसे बढ़ाकर अब 25 दिन कर दिया गया है।रही बात बुकिंग नंबर न लगने की तो पूरे भारत में कंपनी का एक ही नंबर है।लोग आपूर्ति की आशंका को लेकर समय से पहले ही बुकिंग कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं, इसलिए लोड बढ़ा है और लाइने व्यस्त होने का संदेश मिल रहा है।उन्होंने मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर कंपनी का इंडियन ऑयल 1 एप डाउन लोड करने का सुझाव दिया और कहा इससे झटपट नंबर बुक हो जायेगा।
क्या एजेंसी पर गैस की आपूर्ति में कमी आई है? इस पर बबलू श्रीवास्तव ने कहा नहीं, लेकिन पहले दो ट्रक आते थे, अब एक ही काफी है।जितनी बुकिंग है उतनी ही गैस मंगाई जा रही है।गैस की कोई कमी नहीं है।बुकिंग की समस्या के मसले पर इंडियन ऑयल के अधिकारी कमल श्रीवास्तव को भी कॉल की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
बुकिंग की हड़बड़ी, जानकारी का अभाव
दरअसल होली से पहले तक लोगों को महीने में घरेलू गैस के दो सिलेंडर आसानी से मिल जाते थे और बुकिंग में भी कोई दिक्कत नहीं थी। अब रोस्टिंग की वजह से महीने में एक सिलेंडर भी मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। यही उपभोक्ताओं के तनाव की वजह बन गई है।बुकिंग कराने की हड़बड़ी के पीछे अधिकतर उपभोक्ताओं को रोस्टिंग की जानकारी न होना भी एक वजह है।
अखिलेश सक्सेना की रिपोर्ट






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