देवी ‘दक्षिणा’ महालक्ष्मीजी के दाहिने कन्धे (अंश) से प्रकट हुई हैं इसलिए दक्षिणा कहलाती हैं। ये कमला (लक्ष्मी) की कलावतार…
Read Moreदेवी ‘दक्षिणा’ महालक्ष्मीजी के दाहिने कन्धे (अंश) से प्रकट हुई हैं इसलिए दक्षिणा कहलाती हैं। ये कमला (लक्ष्मी) की कलावतार…
Read Moreऊँ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदः। स्वस्ति नस्ताक्ष्र्यों अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातुः।। महान यशस्वी प्रभु हमारा कल्याण…
Read Moreसम्पूर्ण विश्व के अधिपति विश्वनाथ की अर्धांगिनी अन्नपूर्णा सबका बिना किसी भेद-भाव के भरण-पोषण करती हैं। जो भी भक्ति-भाव से…
Read Moreगुरु गोविन्द सिंह सिख धर्म के दसवे और अंतिम गुरु थे। इनका जन्म 22 दिसंबर 1666 ई में बिहार राज्य…
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