दिल्ली: दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहादुरी और जीवटता का परिचय देने वाले फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छर से बातचीत की। इस दौरान कैप्टन स्मित ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि मुश्किल और दर्द के दौर में वह लगातार हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे।
कैप्टन स्मित ने भावुक होते हुए कहा, “जब भी मुझे दर्द होता है, मैं हनुमान चालीसा पढ़ता हूं। उस समय भी मैं सिर्फ हनुमान चालीसा पढ़ता रहता था।” उन्होंने प्रधानमंत्री से बातचीत को अपने लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा, “आज आपके एक कॉल से मुझे सच में गर्व महसूस हो रहा है।”
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “अगर आप मेरे सामने भावुक नहीं होंगे तो कहां होंगे…” इस पर कैप्टन स्मित ने कहा, “सर, मैंने कभी नहीं सोचा था कि आपसे मेरी बात होगी।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इतना बड़ा काम किया है कि देश और दुनिया के लोग उन्हें देखने और उनसे बात करने के लिए उत्सुक हैं।
कैप्टन स्मित ने अपनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सबसे बड़ा ‘आइडल’ भी बताया।
पीएम मोदी और कैप्टन स्मित के बीच हुई यह बातचीत भावनात्मक होने के साथ-साथ साहस, विश्वास और कर्तव्य के प्रति समर्पण की कहानी भी सामने रखती है। इस दौरान कैप्टन ने अपने अनुभव साझा किए, जबकि प्रधानमंत्री ने उनके साहस और हिम्मत की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बहादुर कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत करते हुए कहा, “मैं आपकी देखभाल करने के लिए सऊदी और UAE सरकारों का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जब भी आपको मेरी ज़रूरत होगी, मैं बस एक फ़ोन कॉल की दूरी पर हूं।”
बातचीत के दौरान कैप्टन ने कठिन परिस्थितियों में अपने धैर्य और विश्वास का भी उल्लेख किया। उनके शब्दों ने इस बातचीत को भावुक बना दिया।










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