संघ प्रमुख ने कहा- मां के आशीर्वाद से चलता है सब कुछ, करोड़ों लोगों के हृदय में बसे सद्गुणों को जागृत करना ही शक्ति की उपासना का भाव है।
नागपुर:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आज नागपुर के धंतोली स्थित दुर्गा पंडाल में पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने शक्ति की महत्ता बताते हुए कहा कि शक्ति है तो सब कुछ संभव है। मां का आशीर्वाद हम सभी को लेना चाहिए, क्योंकि उसी के आशीर्वाद से सब कुछ चलता है।
डॉ. मोहन भागवत ने शक्ति और शिव के संबंध का उल्लेख करते हुए कहा, “शिव से शक्ति का इकार निकाल दिया, तो केवल शव बचता है।” उन्होंने कहा कि शक्ति की उपासना का विशेष महत्व है और हमें इसके वास्तविक भाव को समझने की आवश्यकता है।
‘सद्गुणों को जागृत करना ही शक्ति की उपासना का भाव’
संघ प्रमुख ने ‘या देवी सर्वभूतेषु’ मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि देवी की उपासना के दौरान हम उनके विभिन्न गुणों का स्मरण करते हैं। इसका भाव यह है कि मां अपने सद्गुणों और संपदा के साथ करोड़ों लोगों के हृदय में विराजमान हैं।
उन्होंने कहा कि इन सद्गुणों को जागृत करना आवश्यक है। शक्ति की उपासना केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने भीतर मौजूद अच्छे गुणों को पहचानने और उन्हें जागृत करने का भी संदेश देती है।
दुर्गा पंडाल में की पूजा-अर्चना
नागपुर के धंतोली स्थित दुर्गा पंडाल में डॉ. मोहन भागवत ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर शक्ति, आशीर्वाद और मानवीय सद्गुणों के महत्व को लेकर उनका संदेश सामने आया।
उनके वक्तव्य में शक्ति को जीवन का आधार बताते हुए मां के आशीर्वाद और मनुष्य के भीतर मौजूद सद्गुणों को जागृत करने पर जोर दिया गया।







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