The Voice of Bareilly since 2010

17 साल बाद बांग्लादेश लौटे खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान,भारत के नजरिए से क्या हैं मायने

बांग्लादेश की सियासत के लिए आज यानी 25 दिसंबर का दिन ऐतिहासिक है। बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान आज बांग्लादेश पहुंच गए हैं। पिछले 17 सालों से लंदन में छिपकर रह रहे तारिक रहमान गुरुवार को ढाका पहुंचे, जहां पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। तारिक रहमान को लेकर बांग्लादेश एयरलाइंस की एक फ्लाइट गुरुवार सुबह सिलहट उस्मानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई। जहां से वो दूसरी फ्लाइल लेकर ढाका पहुंचे।

तारिक के साथ पत्नी और बेटी भी

तारिक के साथ उनकी पत्नी जुबैदा रहमान, बेटी बैरिस्टर जाइमा रहमान और दूसरे निजी सहयोगी भी बांग्लादेश आए हैं। तारिक रहमान आगामी आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभरकर सामने आए हैं।

बांग्लादेश में इतने क्रिटिकल वक्त में रहमान की एंट्री

17 साल के लंबे निर्वासन के बाद तारिक रहमान लंदन से बांग्लादेश लौटे। उनकी वापसी को देश की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। तारिक अगले साल 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में वे प्रधानमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार हैं। बांग्लादेश की राजनीति इस वक्त बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। जब शेख हसीना के तख्तापलट के बाद एकजुट हुई ताकतों में दरार पड़ चुकी हैं। छात्रनेताओं का हुजूम सड़कों पर है, उस्मान हादी की मौत के बाद मोहम्मद मोतालेब सिकदर को गोली लगने के बाद हालात बेकाबू है। ऐसे वक्त में, बीएनपी नेता का ढाका पहुंचना अहम है।

जमात से दूरी और ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ नीति

भारत पर इसका असर पड़ने वाला है खालिदा जिया के बेटे भारत को लेकर क्या रूख रखते हैं, इसे लेकर बहुत ज्यादा स्पष्टता नहीं है।लेकिन वो मौके-मौके भारत विरोधी रूख से बांग्लादेश को दूर रहने की बात जरूत कहते नजर आते हैं।वो जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों को जमकर कोसते नजर आते हैं।

हालांकि रहमान ने नारा दिया था कि “न दिल्ली, न पिंडी- बांग्लादेश सबसे पहले.” लेकिन वो यूनुस के कार्यकाल में लिए जा रहे विदेश नीति के फैसलों पर सवाल खड़े कर चुके हैं। उनकी पार्टी के एक नेता ने इच्छा जाहिर की थी कि वे भारत के साथ अच्छे संबंध रखना चाहते हैं।ऐसे में चुनाव से पहले बांग्लादेश में वापसी भारत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!