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हकीकत या फसाना, क्या प्रदेश उपाध्यक्ष की रैली ने किया विद्यार्थियों का साल बर्बाद, जवाबदेही किसकी?

Bareillylive (बदायूं) : उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्ग विजय सिंह शाक्य का हाल ही मे जनपद में प्रथम आगमन राजनीतिक ‘रोड शो’ में तब्दील हो गया था। उनका विशाल काफिला बरेली से बदायूं के लिए निकला, जबकि जिला प्रशासन ने उसी दिन दो पाली में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दृष्टिगत पूरे मार्ग पर रूट डायवर्जन लागू कर रखा था।

UP TET पेपर के पहले दिन बरेली में कई अभ्यर्थियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा. परीक्षा देने जा रहे कुछ अभ्यर्थी बदायूं रोड पर राजनीतिक रैली के चलते लगे लंबे जाम में फंस गए. उनका कहना है कि वे समय से पहले घर से निकले थे, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच सके. जब वे केंद्र पहुंचे तो निर्धारित समय निकल चुका था और उन्हें परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं मिली. इससे नाराज महिला अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है. ये पूरा ट्रैफिक जाम बीजेपी नेता की एक बड़ी रैली के चलते लगा था।

अब प्रश्न जो अनुत्तरित हैंl
प्रशासन की अनुमति कैसे मिली??
जब TET जैसी संवेदनशील परीक्षा के कारण आम वाहनों का मार्ग परिवर्तित था, तब सैकड़ों गाड़ियों के काफिले को मुख्य मार्ग से गुजरने की अनुमति किस आधार पर दी गई?

परीक्षा प्रभावित: प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार प्रथम पाली में करीब 764 एवं द्वितीय पाली में करीब 1184, कुल तकरीबन 1948 अभ्यर्थी यातायात अवरोध अथवा विभिन्न कारणों के चलते के कारण परीक्षा केंद्रों तक समय से नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई।

जवाबदेही किसकी : हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस लापरवाही का उत्तरदायी कौन है? आयोजनकर्ता राजनीतिक नेतृत्व, जिन्होंने काफिले का आह्वान किया अथवा जिला प्रशासन, जिसने डायवर्जन के बावजूद काफिले को गुजरने दिया?

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया : अभिभावकों एवं परीक्षार्थियों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि जब सामान्य जन के लिए नियम कठोर हैं, तो ‘वीआईपी काफिलों’ के लिए नियम शिथिल क्यों? छात्रों की मांग है कि छूटी हुई परीक्षा के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

महिला अभ्यर्थियों ने लगाया आरोप : महिला अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनका परीक्षा केंद्र नैनीताल रोड स्थित मनोहर भूषण इंटर कॉलेज में था. उन्होंने बताया कि रास्ते में बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य की रैली के कारण बदायूं रोड पर लंबा जाम लग गया. काफी देर तक वाहन आगे नहीं बढ़ सके. किसी तरह परीक्षा केंद्र पहुंचने पर वे करीब दो मिनट की देरी से पहुंचे, लेकिन गेट बंद हो चुका था. उन्होंने केंद्र पर मौजूद अधिकारियों से अपनी स्थिति बताई, फिर भी उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।

परीक्षा देने से रोकी गई महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा के नियमों का पालन करने की पूरी कोशिश की थी. उनका कहना है कि अगर रास्ते में असामान्य स्थिति पैदा नहीं होती तो वे समय से पहले केंद्र पहुंच जाते. उनका आरोप है कि उनकी देरी लापरवाही की वजह से नहीं, बल्कि अचानक लगे जाम के कारण हुई. ऐसे में उन्हें परीक्षा से बाहर करना उनके भविष्य के साथ अन्याय है।

अभ्यर्थियों ने बड़े आरोप लगाते हुए अपने पेपर छूटने का कारण दुर्विजय शाक्य के रोड शो को बताया उनके आरोप हैं की भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बरेली से रोड शो करते हुए बदायूं जा रहे थे क्योंकि बदायूं से बरेली तक रोड का कार्य भी प्रगति पर है गाड़ियों का काफिला और भीड़ इतनी थी वह तय समय पर परीक्षा सेंटर नही पहुंच पाए और उनका पेपर छूट गया बरेली की रहने वाली नेहा गुप्ता ने बताया, हम सुबह करीब 10:30 बजे घर से निकले थे, लेकिन बरेली रोड पर नेताओं के काफिले के कारण ऐसा जाम लगा कि कई घंटे बाद भी परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके। प्रशासन नेताओं की व्यवस्था में लगा रहा, हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई बरेली की ही रहने वाली शिक्षिका मीनाक्षी भट्ट का कहना है, परीक्षा के दिन यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। नेताओं के दौरों को प्राथमिकता देकर छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया था, अभ्यर्थी शिल्पी कुमारी ने कहा वीआईपी मूवमेंट के कारण जाम लगा और हम समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके प्रशासन का पूरा ध्यान नेताओं को सुविधा देने पर था हमारी दोबारा परीक्षा कराई जानी चाहिए।

बदायूं सपा सांसद आदित्य यादव ने भी किए गंभीर सवाल

समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष के रोड शो के कारण लगे जाम में फंसकर सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से मांग की कि जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा जाम के कारण छूटी है, उन्हें निष्पक्ष जांच के बाद दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाए। साथ ही भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन ऐसे राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति न देने की भी मांग की है। बदायूं जिला प्रशासन के आंकड़े भी जारी किए प्रशासन के आंकड़ो के अनुसार दूसरी पाली में अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने की ओर इशारा करते हैं प्रशासन के अनुसार पहली पाली में 5639 में से 4875 अभ्यर्थी उपस्थित और 764 अनुपस्थित रहे जबकि दूसरी पाली में 4455 उपस्थित और 1184 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यानी दूसरी पाली में पहली पाली की तुलना में 420 अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे हालांकि प्रशासन ने यह नहीं कहा है कि इन अनुपस्थित अभ्यर्थियों की वजह ट्रैफिक जाम ही था

दुर्विजय सिंह शाक्य ने क्या कहा : भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने कहा कि उन्होंने सुबह 10:40 बजे घर से प्रस्थान किया, तब तक पहली पाली की परीक्षा शुरू हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि भमोरा में करीब 30 मिनट और रसूलपुर के पास लगभग 30-40 मिनट तक रुककर ट्रैफिक पास कराया, ताकि परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिल सके उनका कहना है कि वे दोपहर दो बजे के बाद बदायूं शहर में प्रवेश किया और पूरे समय इस बात का ध्यान रखा गया कि परीक्षार्थियों को परेशानी न हो उन्होंने कहा कि बरेली-बदायूं मार्ग पर छह लेन निर्माण कार्य और बारिश के कारण पहले से ट्रैफिक धीमा था, बच्चों का पेपर छूटना दुखद है ऐसा नही होना चाहिए था मै भी बहुत सारे कंप्टीशन के एग्जाम में बैठा हु मैं हर अभ्यर्थियों का दर्द समझ सकता हूं लेकिन कुछ भी कारण रहे हो स्वागत की कार्यक्रम की वजह से अभ्यर्थियों का पेपर नही छूटा है मैने खुद अभ्यर्थियों को पेपर की बात सुनकर परीक्षा समय तक अपना स्वागत कार्यक्रम रुकवाया था जिन लोगों का पेपर छूटा है उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है मैंने खुद रुककर ट्रैफिक पास कराया ताकि परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिल सके।

कौन लेगा जिम्मेदारी, बड़ा सवाल

लोकतंत्र में ‘नेतृत्व का स्वागत’ और ‘युवाओं का भविष्य’, दोनों का सम्मान आवश्यक है परन्तु जब शक्ति प्रदर्शन के कारण छात्रों का एक वर्ष व्यर्थ चला जाए, तो यह केवल यातायात प्रबंधन की विफलता नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता का भी परिचायक है। पर अब समय है कि जिम्मेदारी तय हो। क्या नेताजी नैतिक जिम्मेदारी लेंगे, या जिला प्रशासन अपनी चूक स्वीकार करेगा? जनता जवाब मांग रही है?

Note : bareillylive ने इस पूरे मामले की जानकारी और दोनों ही पक्षों की बात आपके सामने रख दी है, जोकि हमारा काम है अब फैसला आपको करना है।

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