बरेली। आला हज़रत के 108वें उर्स-ए-रज़वी का शुभारंभ गुरुवार को धार्मिक आस्था और सेवा कार्यों के साथ हुआ। पहले दिन ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी (आरएसी) की ओर से नातो-मनक़बत की महफ़िल, लंगर-ए-आम, मेडिकल कैंप और ज़ायरीन की सुविधा के लिए फ्री टेंपो सेवा सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मरकज़ी मस्जिद बीबी जी में इशा की नमाज़ के बाद आयोजित नातिया मुशायरे में देश के विभिन्न राज्यों से आए शायरों ने नात और मनक़बत पेश कर अक़ीदतमंदों को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम की सरपरस्ती हज़रत अफ़रोज़ रज़ा क़ादरी ने की, जबकि अध्यक्षता मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने की।
उर्स के पहले दिन आरएसी मुख्यालय “बैतुर्रज़ा”, खलील स्कूल समेत कई स्थानों पर लंगर-ए-आम की शुरुआत की गई। वहीं, बिहारीपुर में आयोजित मेडिकल कैंप में ज़रूरतमंदों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
ज़ायरीन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे जंक्शन के माल गोदाम रोड से दरगाह और ठहरने के स्थानों तक पहुंचाने के लिए आरएसी की फ्री टेंपो सेवा भी शुरू की गई। शाम को बिहारीपुर ढाल से निकले परचमी जुलूस का विभिन्न स्थानों पर फूल बरसाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर आला हज़रत का मशहूर सलाम “मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत” पढ़ा गया। इसके बाद मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।
आरएसी के पदाधिकारियों ने बताया कि उर्स के दूसरे दिन चादरों के जुलूस, मुफ़्ती-ए-आज़म हिंद कॉन्फ़्रेंस तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में ज़ायरीन के शामिल होने की उम्मीद है।






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