The Voice of Bareilly since 2010

हिमाद्रि से गोवर्धन तक… पर्वतों के नाम पर बसेगा ग्रेटर बरेली

हिमाद्रि से गोवर्धन तक

bareillylive@bareillynews:बरेली। ग्रेटर बरेली आवासीय योजना अब सिर्फ आधुनिक आवासीय परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि अपनी अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ आकार ले रही है। बरेली विकास प्राधिकरण ने योजना के 11 सेक्टरों का नामकरण देश की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं, पर्वतों और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व वाले पर्वतीय स्थलों के नाम पर किया है। नामकरण में संबंधित पर्वतों की भौगोलिक स्थिति और दिशा का भी ध्यान रखा गया है।

सेक्टर-1 से 11 तक हिमाद्रि, शिवालिक, नीलगिरि, सह्याद्रि, विंध्याचल, धौलाधार, मेरु, नंदा देवी, त्रिशूल, केदारगिरि और गोवर्धन एन्क्लेव नाम दिए गए हैं। इस तरह ग्रेटर बरेली की पहचान में हिमालय से लेकर दक्षिण भारत और ब्रज क्षेत्र तक की पर्वतीय एवं सांस्कृतिक विरासत को समेटने का प्रयास किया गया है।

योजना के केंद्र में होगा मेरु एन्क्लेव

ग्रेटर बरेली के मध्य स्थित मेरु एन्क्लेव को योजना में विशेष महत्व दिया गया है। भारतीय परंपरा में मेरु को केंद्रीय पर्वत का दर्जा प्राप्त है। इसी क्षेत्र में सेन्ट्रल पार्क विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रस्तावित इस पार्क का शिलान्यास मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है। माना जा रहा है कि सेन्ट्रल पार्क ग्रेटर बरेली की पहचान और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

मेरु एन्क्लेव में एक प्रीमियम आवासीय परिसर भी विकसित किया जा रहा है। इसे जल्द ही आम लोगों के सामने प्रस्तुत करने के साथ पंजीकरण के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

पर्वत थीम के साथ जल और हरियाली का मेल

ग्रेटर बरेली में पर्वतों के नाम से सेक्टरों की पहचान देने के साथ ही जल और हरित क्षेत्रों को भी योजना का हिस्सा बनाया जा रहा है। सेक्टर-1 हिमाद्रि और सेक्टर-2 शिवालिक के बीच से गुजरने वाली नहर को कैनाल फ्रंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे आवासीय क्षेत्र में हरियाली के साथ जल आधारित आकर्षण भी जुड़ेगा।

जहां रामगंगा नगर योजना में सेक्टरों को नदियों के नाम से पहचान मिली है, वहीं ग्रेटर बरेली में पर्वत इसकी नई पहचान बनेंगे। प्राधिकरण का जोर ऐसी आधुनिक टाउनशिप विकसित करने पर है, जहां आवासीय सुविधाओं के साथ प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण का भी समन्वय दिखाई दे।

भविष्य की विशिष्ट टाउनशिप बनाने का प्रयास

बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय, आईएएस, ने कहा कि ग्रेटर बरेली के सेक्टरों का नामकरण केवल पहचान देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पूरी योजना को विशिष्ट स्वरूप देने का प्रयास है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप यहां आधुनिक विकास के साथ प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय पहचान का समन्वय किया जा रहा है। सेन्ट्रल पार्क, कैनाल फ्रंट और पर्वतों पर आधारित सेक्टर इसी समग्र विजन का हिस्सा हैं। प्रयास है कि ग्रेटर बरेली भविष्य की ऐसी आधुनिक और विशिष्ट टाउनशिप के रूप में विकसित हो, जिसकी अपनी अलग पहचान हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!