Bareillylive : दिल्ली में होने वाले अखिल भारतीय थल सेना कैंप की तैयारी कर रहीं उत्तर प्रदेश की एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स का उत्साह बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय के अपर महानिदेशक मेजर जनरल गौरव गौतम (वीएसएम) मंगलवार को बरेली पहुंचे। उन्होंने बरेली कैंट स्थित सलारिया हॉल में कैडेट्स से मुलाकात कर उनकी तैयारियों का जायजा लिया और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
मेजर जनरल गौरव गौतम ने कहा कि कैडेट्स की मेहनत और जोश सराहनीय है। इस बार उत्तर प्रदेश की टीम का लक्ष्य केवल प्रतियोगिता में भाग लेना नहीं, बल्कि प्रथम स्थान हासिल करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें कैडेट्स की क्षमता पर पूरा भरोसा है और वे पूरी लगन के साथ तैयारी कर उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करें।
उन्होंने बताया कि थल सेना कैंप के लिए प्रदेशभर से 50 गर्ल्स कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें से 40 कैडेट्स का चयन कर ऑल इंडिया एनसीसी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जाएगा। कैडेट्स की तैयारियों पर पिछले करीब एक महीने से लगातार नजर रखी जा रही है। बरेली पहुंचने का उद्देश्य उनका व्यक्तिगत रूप से उत्साह बढ़ाना और प्रशिक्षण की जानकारी लेना भी था।
कैप्टन बीनम सक्सेना ने बताया कि वह इस बार पांचवीं बार थल सेना कैंप के लिए टीम लेकर दिल्ली स्थित डीजी एनसीसी परेड ग्राउंड जाएंगी। यूपी डायरेक्ट्रेट की टीम में 40 कैडेट्स का कंटिंजेंट शामिल होगा। इस वर्ष देशभर के 19 एनसीसी निदेशालय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान दिलाने के लिए टीम पूरी मेहनत कर रही है।
मेजर जनरल गौतम ने एनसीसी में बेटियों की बढ़ती भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एनसीसी कैडेट्स में बेटियों की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि एनसीसी के माध्यम से बेटियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित हो रही है। आने वाले समय में वे समाज के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने बताया कि बदलती तकनीक को देखते हुए एनसीसी प्रशिक्षण में टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया जाएगा। तकनीक के लाभ, नुकसान और इसके सही इस्तेमाल को लेकर एक कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जो अगले तीन महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। अगले वर्ष से एनसीसी प्रशिक्षण में तकनीक की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत करने की योजना है।
कैडेट्स की बढ़ती मांग और सीमित सीटों के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित सैन्य कर्मियों से जुड़ी चुनौती है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 110 एनसीसी बटालियन हैं, जो 47 जिलों में कार्यरत हैं। शेष जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक एनसीसी का विस्तार करने पर भी काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर बरेली एनसीसी ग्रुप के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर अमित उनियाल, कर्नल होशियार सिंह, कर्नल एसएस बिष्ट, कर्नल संजय नायर, कैप्टन बीनम सक्सेना और डॉ. अंचल अहेरी समेत कई सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।






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