bareillylive@bareillynews:जन्माष्टमी पर भी नहीं मिली राहत, रिछा-1 नंबर फीडर की बिजली व्यवस्था बदहाल; अफसरों ने साधी चुप्पी
देवरनियां। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े निर्देश दिए जाने के बावजूद रिछा कस्बे के एक नंबर फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानी दूर नहीं हो सकी है। स्थानीय बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित लापरवाही के चलते जन्माष्टमी के दिन भी लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
बताया जाता है कि कुछ दिन पहले एक नंबर फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं ने लगातार बिजली कटौती और आपूर्ति की समस्या को लेकर शासन स्तर पर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में शिकायत की थी। इसके बाद मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। कुछ दिनों तक व्यवस्था ठीक रहने के बाद एक बार फिर समस्या सामने आ गई।
शनिवार रात एक नंबर फीडर की बिजली आपूर्ति करीब चार घंटे तक बंद रही। इसके बाद रविवार सुबह भी बिजली की आंख-मिचौली जारी रही। देर शाम एक बार फिर आपूर्ति ठप हो गई और खबर लिखे जाने तक बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। लगातार बिजली संकट से उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
करीब 50 हजार की आबादी, फिर भी बिजली संकट
रिछा जिले की सबसे पुरानी नगर पंचायतों में शामिल है। करीब 50 हजार की आबादी वाले इस कस्बे को चावल नगरी के नाम से भी जाना जाता है। रिछा बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक एवं प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अताउर्रहमान का गृहनगर भी है।
कस्बे में 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र के अलावा 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्र भी है। इसके साथ ही इंडस्ट्रीज एरिया के लिए एक और 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बावजूद कस्बे की आधी आबादी को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है।
दो फीडरों में बांटने के बाद बढ़ी समस्या
करीब चार माह पूर्व अप्रैल में कस्बे की बिजली व्यवस्था को दो फीडरों में बांटा गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फीडरों का लोड निर्धारित करते समय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उचित संतुलन नहीं बनाया। इसके चलते एक नंबर फीडर पर अपेक्षाकृत अधिक लोड पड़ रहा है और आए दिन बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
इसी फीडर से विधायक अताउर्रहमान का आवास भी जुड़ा बताया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों के मुताबिक दो नंबर फीडर की बिजली आपूर्ति अपेक्षाकृत सुचारु रहती है। ऐसे में उपभोक्ता सवाल उठा रहे हैं कि जब कस्बे में पर्याप्त विद्युत infrastructure मौजूद है, तो एक फीडर से जुड़े लोगों को लगातार परेशानी क्यों उठानी पड़ रही है।
जवाबदेही से बचते नजर आए स्थानीय अधिकारी
बिजली संकट को लेकर स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं। समस्या के संबंध में एसडीओ से लेकर अधिशासी अभियंता तक से व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से जवाब मांगा गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक दोनों अधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
लगातार बिजली कटौती के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रिछा के एक नंबर फीडर की समस्या कब दूर होगी और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति कब मिल सकेगी?
फोटो कैप्शन: रिछा स्थित विद्युत उपकेंद्र।






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