बरेली@bareillylive:बरेली। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के महत्वपूर्ण कार्य को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए प्रशासन ने जनगणना ड्यूटी से मुक्त कराने के लिए आने वाले प्रार्थना पत्रों की जांच सख्त कर दी है। अब केवल सामान्य कारणों या ड्यूटी से बचने के आधार पर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जाएगा। ऐसे प्रार्थना पत्रों की गहनता से जांच कर दावों की वास्तविकता का सत्यापन किया जाएगा।
जिलाधिकारी एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी ने ड्यूटी से मुक्त किए जाने संबंधी प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के लिए जांच समिति का गठन किया है। समिति में मुख्य विकास अधिकारी/अपर प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को सदस्य नामित किया गया है।

स्वास्थ्य कारण बताने वालों का होगा मेडिकल परीक्षण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कार्मिक स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर जनगणना ड्यूटी से मुक्त किए जाने का अनुरोध करता है तो उसके मामले की सामान्य तौर पर स्वीकृति नहीं दी जाएगी। संबंधित कार्मिक का गठित समिति के समक्ष मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
मेडिकल परीक्षण के साथ उपलब्ध चिकित्सा अभिलेखों की भी जांच की जाएगी। इसके आधार पर ही यह निर्धारित होगा कि संबंधित कार्मिक का स्वास्थ्य वास्तव में जनगणना ड्यूटी के निर्वहन में बाधक है या नहीं।
समिति देगी स्पष्ट संस्तुति
गठित समिति को प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच करनी होगी। जांच के बाद समिति अपनी स्पष्ट संस्तुति के साथ आख्या जिलाधिकारी/प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी। पर्याप्त और सत्यापन योग्य कारण नहीं मिलने पर ड्यूटी से मुक्त किए जाने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जनगणना ड्यूटी से बचने की कोशिश पर सख्ती
जिलाधिकारी ने कहा है कि जनगणना-2027 राष्ट्रीय महत्व का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें नियुक्त प्रत्येक प्रगणक और पर्यवेक्षक को अपने दायित्व का गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ड्यूटी से बचने के उद्देश्य से अनावश्यक प्रार्थना पत्र देने की प्रवृत्ति को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा निर्धारित दायित्व के निर्वहन में अनावश्यक व्यवधान को गंभीरता से लिया जाएगा।






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