@bareillylive: रुहेलखंड केनेल क्लब एवं भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के संयुक्त तत्वावधान में बरेली के इज्जतनगर स्थित आईवीआरआई मैदान पर संयुक्त 45वें एवं 46वें अखिल भारतीय डॉग शो का भव्य आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न शहरों से आए 40 से अधिक नस्लों के 250 से अधिक श्वानों ने भाग लिया। श्वानों की चाल-ढाल, शारीरिक बनावट, श्रृंगार और नस्लीय विशेषताओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
फैशन और प्रतियोगिता का संगम:
डॉग शो में इस बार फैशन का भी खूब जलवा रहा। देशभर से आए श्वान प्रेमी अपने छोटे-बड़े पालतू पपीज को गोद में लिए मैदान में चहल-कदमी करते दिखे। कई प्रतियोगियों ने अपने श्वानों को वातानुकूलित कारों में लाकर प्रतियोगिता में उतारा। श्वानों की सजावट, ग्रूमिंग और प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
45वें डॉग शो के नतीजे:
45वें वार्षिक डॉग शो में मलेशिया से आए अंतरराष्ट्रीय निर्णायक बेंग वोह चेन ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। इसमें 16 श्वानों का चयन हुआ। बरेली का केन कोरसो पहले स्थान पर रहा और उसे बेस्ट ब्रीड इन इंडिया का खिताब मिला। रामपुर का डोबरमैन दूसरे और मेरठ का जर्मन शेफर्ड तीसरे स्थान पर रहा। चौथे स्थान पर पीलीभीत का लेब्राडोर, पांचवें पर अलीगढ़ का बीगल, छठे पर दिल्ली का पोमेरेनियन, सातवें पर यमुनानगर का शिटजू और आठवें स्थान पर भोपाल का लेब्राडोर रहा। रिजर्व ब्रीड इन इंडिया रामपुर का डोबरमैन रहा। इसके अलावा बेस्ट डोबरमैन पपी रामपुर का, बेस्ट रिजर्व जर्मन शेफर्ड पपी रामनगर का, बेस्ट माइनर पपी गाजियाबाद का कैवलियर किंग चार्ल्स स्पैनियल और रिजर्व बेस्ट माइनर पपी बरेली का ग्रेट डेन रहा।
46वें शो में समोयेड अव्वल:
46वें डॉग शो में जापान से आए निर्णायक सेशीयूरो ईकुक्ता ने निर्णय दिया। उनके मूल्यांकन में दिल्ली का समोयेड प्रथम स्थान पर रहा। यमुनानगर का शिटजू दूसरे और देहरादून का चिहुआहुआ तीसरे स्थान पर रहा। चौथे स्थान पर बरेली का केन कोरसो, पांचवें पर लखनऊ का डोबरमैन, छठे पर बिलासपुर का लेब्राडोर, सातवें पर रामनगर का लंबे बालों वाला जर्मन शेफर्ड और आठवें स्थान पर लखनऊ का फॉक्स टेरियर रहा। इस शो में केन कोरसो, चिहुआहुआ, पोमेरेनियन, ग्रेट डेन तथा कैवलियर किंग चार्ल्स स्पैनियल नस्लों के श्वानों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। भारतीय नस्लों के साथ विदेशी नस्लों के श्वान कार्यक्रम के आकर्षण का केंद्र रहे।
आयोजन में योगदान:
कार्यक्रम के सफल आयोजन में रुहेलखंड केनेल क्लब के दिलीप टंडन, गुरदीप सिंह, डी. के. सक्सेना और पवन भसीन की प्रमुख भूमिका रही। आईवीआरआई की निदेशक डॉ. रूपसी तिवारी तथा संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा सतीश जोशी ने भी आयोजन में विशेष योगदान दिया। यह आयोजन श्वानों के उचित पालन-पोषण, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और जिम्मेदार पालतू संगोपन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।



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