पद्मावती स्कूल में ‘जेनरेशन यूनाइट सीजन-2’ का भव्य आयोजन, तीन पीढ़ियों के संगम ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग

बरेलीलाइव@पद्मावती सीनियर सेकेंडरी स्कूल

बरेली@bareillylive:बरेली। रिठौरा पद्मावती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को ‘जेनरेशन यूनाइट सीजन-2’ का भव्य आयोजन किया गया। तीन पीढ़ियों के बीच आपसी जुड़ाव, प्रेम और पारिवारिक रिश्तों की मजबूती को समर्पित इस कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन में संस्कृति, परंपरा और पारिवारिक आत्मीयता के खूबसूरत रंग देखने को मिले।

कार्यक्रम का शुभारंभ चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) वैशाली गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। केजी के बच्चों के मनमोहक नृत्य ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। वहीं, हिंदी और अंग्रेजी में प्रस्तुत कविता पाठ ने कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिए।

पारिवारिक रिश्तों को सहेजने का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या ममता सक्सेना ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश और भौतिकवादी जीवनशैली के बीच नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और पारिवारिक जड़ों से जोड़े रखना बेहद जरूरी है। दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-ताऊ, बुआ-फूफा और मौसा-मौसी जैसे रिश्ते परिवार की मजबूत डोर हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को इन रिश्तों का महत्व समझाने और परिवार की पुरानी यादों व परंपराओं को संजोने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि परिवार की विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद और आत्मीयता बनाए रखना समय की जरूरत है। ‘जेनरेशन यूनाइट’ इसी दिशा में विद्यालय की एक सार्थक पहल है।

अतिथियों का फूल-मालाओं और साफे से स्वागत

विद्यालय के चेयरमैन पारूष अरोड़ा ने कार्यक्रम में पहुंचे विशिष्ट अतिथियों और अभिभावकों का फूल-मालाओं एवं साफे से स्वागत कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का आकर्षक संचालन उप प्रधानाचार्या शिवानी सूरी ने किया। उन्होंने आयोजन के अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर पंडित सुरेश चंद्र मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य नागरिक और विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक दौर में बच्चों को परिवार, संस्कार और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाले ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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