भ्रष्टाचार के खिलाफ आमजन की भागीदारी भी जरूरी: लोकायुक्त प्रशासन के संयुक्त सचिव

bareillylive:बरेली कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त प्रशासन का शिविर

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत कलेक्ट्रेट में लगा अस्थायी शिविर, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की दी गई जानकारी

बरेली@bareillylive:बरेली, 03 नवम्बर। भ्रष्टाचार एवं कुप्रशासन के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आमजन की सहभागिता भी बेहद जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। यह बात लोकायुक्त प्रशासन के संयुक्त सचिव राजेश कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित अस्थायी शिविर में कही।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत भ्रष्टाचार एवं कुप्रशासन के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से लोकायुक्त प्रशासन की ओर से इस शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता संयुक्त सचिव राजेश कुमार एवं समीक्षा अधिकारी अश्विनी पाठक ने की।

संयुक्त सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकायुक्त संस्था की स्थापना लोक प्रशासन में पारदर्शिता, शुचिता, जवाबदेही और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। लोकायुक्त अधिनियम, 1975 के तहत स्थापित यह संस्था पांच दशकों से अधिक समय से लोक सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, कदाचार और पद के दुरुपयोग से संबंधित शिकायतों की जांच एवं परीक्षण के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने में भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि लोकायुक्त प्रशासन की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के संबंध में आमजन को सरल भाषा में जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। लगभग 25 वर्ष पूर्व प्रकाशित सूचना पुस्तिका की प्रस्तावना में भी इस आवश्यकता पर जोर दिया गया था। इसी क्रम में संस्था के अधिकारों, कार्यों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

लोकायुक्त कार्यालय और वेबसाइट पर कर सकते हैं शिकायत

राजेश कुमार ने बताया कि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों के लिए नागरिक सीधे लोकायुक्त कार्यालय, टीसी-46 वी-1, गोमती नगर, लखनऊ में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा लोकायुक्त प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट www.lokayukat.up.nic.in के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस नीति केवल नारे या कागजी व्यवस्था तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसका वास्तविक उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना है। इसके लिए सरकारी तंत्र के साथ नागरिकों को भी सजग और सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

शिविर में उपस्थित लोगों को लोकायुक्त संस्था की कार्यप्रणाली, अधिकारों तथा भ्रष्टाचार एवं कुप्रशासन के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

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