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आईटी सेक्टर ने एक लाख नए इंजीनियरों को दिया रोजगार

भारत की 10 प्रमुख आईटी कंपनियों ने वर्ष 2018 में अपने कार्यबल में 1,14,390 इंजीनियरों को जोड़ा है। यह इससे पहले के साल के मुकाबले चार गुना से ज्यादा है।

नई दिल्ली। देश में रोजगार के अवसरों को लेकर चल रहीं तमाम नकारात्मक चर्चाओं के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र से राहत और उम्मीदों भरी खबर है। कुछ समय की सुस्ती के बाद इस क्षेत्र ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। आईटी कंपनियां बंपर भर्तियां कर रही हैं। हालत यह है कि अकेले देश की 10 प्रमुख आईटी कंपनियों ने वर्ष 2018 में अपने कार्यबल में 1,14,390 इंजीनियरों को जोड़ा है। यह इससे पहले के साल के मुकाबले चार गुना से ज्यादा है।

आईटी सेक्टर के जानकार बताते हैं कि नए इंजीनियरों की भर्ती के ये आंकडे बीते पांच सालों में सबसे बेहतर हैं। टॉप-5 आईटी कंपनियों में शुमार टाटा कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड (टीसीएस), विप्रो लिमिटेड, कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सर्विस कॉर्प, इन्फोसिस लिमिटेड और एचसीएल टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने पिछले साल 99,010 लोगों को नौकरियां दी हैं। इसके साथ ही इनके कार्यबल की संख्या 1.23 मिलियन हो गई है जबकि वर्ष 2017 में इन कंपनियों में सिर्फ 19,360 अतिरिक्त कर्मचारी ही जोड़े गए थे।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में भी आईटी सेक्टर में इसी तरह का बूम बना रहेगा। यहां तक कि आईटी सेक्टर की नई कंपनियां भी काफी अधिक नई नियुक्तियां कर सकती हैं।

वैसे, मानव संसाधन (human resource) के जानकारों के अनुसार  वर्ष 2018 में काफी सारी नौकरियां मिलना अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दबाव में अमेरिका में हायरिंग में इजाफे का नतीजा भी हो सकता है, या फिर यह कस्मर्स ऑउटसोर्सिंग का परिणाम भी हो सकता है जिसमें लंबे अनुबंध इस शर्त पर किए जाते हैं कि वेंडर कुछ कर्मचारियों को नौकरी के लिए ला सकेंगे। हालांकि अभी तक भारत की किसी भी कंपनी ने अमेरिका में नियुक्ति विवरण का खुलासा नहीं किया और यह भी नहीं बताया कि उन्होंने क्लाइंट के जरिए कितने लोगों को नौकरियां दी हैं। दूसरी ओर मानव संसाधन विशेषज्ञों का दावा है 2018 में आईटी कंपनियों द्वारा आधे से अधिक नियुक्तियां इन्हीं दो वजहों से की गईं।

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