The Voice of Bareilly since 2010

Nobel Prize in Medicine : हिपेटाइटिस सी वायरस खोजने वाले तीन वैज्ञानिकों को वर्ष 2020 का नोबल पुरस्कार

स्टॉकहोम। (Nobel Prize in Medicine 2020) वर्ष 2020 के नोबल पुरस्कार की शुरुआत सोमवार से हो गई है। शुरुआत औषधि (Medicine) विज्ञान से हुई। अमेरिका के हार्वे जे आल्टर (Harvey J. Alter), चार्ल्स एम राइस (Charles M. Rice) और ब्रिटेन के माइकल हॉटोन (Michael Houghton) को हिपेटाइटिस सी वायरस (hepatitis C virus) की खोज के लिए इस बार के नोबल पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। औषधि (Medicine) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इन्हें इस सम्मान से नवाजा गया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल मेडिसीन अवार्ड अहम है।

पुरस्कार की घोषणा करते हुए नोबल पुरस्कार समिति ने उल्लेख किया कि तीनों वैज्ञानिकों का यह काम  रक्तजनित हिपेटाइटिस के बड़े स्रोत के बारे में विस्तार से जानकारी मुहैया कराने में मदद करता है जो हिपेटाइटिस ए और बी से नहीं हो सकता है। सम्मान देने वाली नोबल ज्यूरी ने बताया कि इस हिपेटाइटिस के कारण सिरोसिस और लिवर कैंसर होता है। समिति ने कहा कि इन तीनों वैज्ञानिकों के इस काम से ब्लड टेस्ट और नई दवाएं संभव हो सकती हैं और दुनिया में लाखों लोगों की जिंदगी बचाई जा सकेगी।समिति ने इन वैज्ञानिकों के योगदान का जिक्र करते हुए शुक्रिया अदा किया। उसने  कहा है, “उनकी खोज के लिए शुक्रिया, वायरस के लिए अधिक संवेदनशील ब्लड टेस्ट की सुविधा अब उपलब्ध है।”  

इस पुरस्कार में सम्मान स्वरूप स्वर्ण पदक और 10 मिलियन स्वीडिश क्रोनर यानि 1,118000 डॉलर से अधिक की रकम दी जाती है।124 साल पहले इस अवार्ड की शुरुआत स्वीडिश इंवेंटर अल्फ्रेड नोबल ने की थी।

इस साल के भौतिक विज्ञान  (physics), रसायन शास्त्र (chemistry), साहित्य (literature), शांति  (peace)  और अर्थशास्त्र (economics) के लिए पुरस्कार की घोषणा अभी की जानी है।

error: Content is protected !!