बरेली@Bareillylive: राधा अष्टमी के पावन अवसर पर शनिवार, 19 सितंबर 2026 को श्री अगस्त मुनि महाराज जी के 180वें जन्मोत्सव का भव्य आयोजन छोटी वमनपुरी स्थित अगस्त मुनि आश्रम में प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पूजन समिति के अध्यक्ष श्री विवेक शर्मा द्वारा किया गया, जबकि आचार्य के. के. शंखधार ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ और उपस्थित गणमान्य नागरिक
कार्यक्रम की शुरुआत श्री अगस्त मुनि महाराज के स्वरूप का पूजन कर की गई, जिसमें क्षेत्र के तमाम गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। पंकज मिश्रा एडवोकेट ने बताया कि 25 सितंबर तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर नवीन शर्मा, दिव्याश पाठक, शेखर रस्तोगी, उत्कर्ष रस्तोगी, विनोद रस्तोगी, सोनू पाठक, आयुष लक्ष्य रस्तोगी सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा:
रविवार, 20 सितंबर को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भक्तगण राधा-कृष्ण के भजनों की प्रस्तुति देंगे। सोमवार, 21 सितंबर को सुंदरकांड का पाठ होगा, जबकि मंगलवार, 22 सितंबर को श्री सत्यनारायण भगवान का पूजन आयोजित किया जाएगा। बुधवार, 23 सितंबर को प्रदोष पूजन का कार्यक्रम रहेगा।
24 सितंबर को रहेगा शोभायात्रा का भव्य आयोजन:
24 सितंबर, 2026 को शोभायात्रा का विशेष आयोजन किया जाएगा, जो श्री अगस्त मुनि आश्रम छोटी वमनपुरी से प्रारंभ होगी। शोभायात्रा गढैया मोहल्ला, बड़ा बाजार, सीताराम कुंचा, बड़ी भवनपुरी, मलकपुर चौराहे से होती हुई पुनः अगस्त मुनि आश्रम छोटी वमनपुरी पर विश्राम लेगी।
25 सितंबर को पुरस्कार वितरण समारोह:
25 सितंबर को पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें धार्मिक और सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के साथ 180वें जन्मोत्सव समारोह का समापन होगा।
राधा अष्टमी का धार्मिक महत्व:
राधा अष्टमी का पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, जो इस वर्ष 19 सितंबर 2026 को पड़ रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन राधा रानी का जन्म हुआ था, इसलिए भक्तगण व्रत रखते हैं और राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं। अष्टमी तिथि 18 सितंबर को दोपहर 1:02 बजे प्रारंभ हुई और 19 सितंबर को दोपहर 3:28 बजे समाप्त होगी।
क्षेत्र में धार्मिक उत्साह:
बरेली और आसपास के क्षेत्रों में राधा अष्टमी और गणेशोत्सव के पावन पर्व पर व्यापक धार्मिक उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्री अगस्त मुनि महाराज का 180वाँ जन्मोत्सव भी इसी धार्मिक वातावरण में संपन्न हो रहा है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को समृद्ध कर रहा है।






Leave a Reply