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गायक मुकेश की 93वीं जयंती पर भावविभोर रात, सुरों ने भिगोया सभागार

bareillylive:गायक मुकेश की 93वीं जयंती पर भावविभोर रात, सुरों ने भिगोया सभागार

बरेली — मानव सेवा क्लब के तत्वावधान में गुरुवार को कहरवान स्थित क्लब कार्यालय सभागार में गीतों भरी शाम “मुकेश के नाम” का आयोजन कर गायक मुकेश की 93वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय गायक मुकेश की तस्वीर पर माल्यार्पण से हुई। समारोह का संचालन और कार्यक्रम व्यवस्था क्लब अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने संभाली।


समारोह में सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने खुद भी “ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना” गीत प्रस्तुत कर माहौल भावविभोर कर दिया। मुकेश कुमार सक्सेना की “तेरी निगाहों पर मर-मर गये हम” प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि अनिल गुप्ता ने “तौबा यह मतवाली चाल” से समां बांधा। अरुणा सिन्हा ने “जिस गली में तेरा घर न हो बालमा” गाकर लोगों का मन मोह लिया।


प्रसिद्ध गायक अनूप जायसवाल ने “दीवानों से यह मत पूछो दीवानों पर क्या गुजरी है” को प्रभावपूर्ण अंदाज में पेश किया, जिसकी दर्शकों द्वारा भारी तालियों से सराहना की गई। सुधीर मोहन की “संसार है एक नदिया सुख दुख दो किनारे हैं” प्रस्तुति को भी श्रोताओं ने पसंद किया।

प्रकाश चंद्र सक्सेना ने “खुशी की वह रात आ गई” को खूब जोश और नाटकीयता के साथ गाया, जिससे कार्यक्रम का उत्साह बढ़ा। मीरा मोहन की “लौट के आ जा मेरे मीत” ने सभागार में पुरानी यादों को ताजा कर दिया।


जितेंद्र सक्सेना और मुकेश कुमार ने मिलकर “मैं तो हर मोड़ पर तुझको दूंगा सदा” तथा “ओ रे ताल मिले नदी के जल में” प्रस्तुत कर दर्शकों से भरपूर तालियां बटोरीं।

कल्पना द्वारा गाया गया “फूल तुम्हें भेजा है खत में” भी श्रोताओं के दिल को छू गया। इसके अतिरिक्त बेबी कुमारी, डॉ. शिफालिका, सुनील कुमार शर्मा, मंजू लता, सरोज शर्मा, अल्पना जायसवाल, मीरा मोहन, नरेंद्र कोहली और वीना रस्तोगी ने मुलाक़ात-ए-ग़ज़ल और सदाबहार गीतों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं, जिनका जनसामान्य ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।


कार्यक्रम के अंत में क्लब ने अनुकरणीय योगदान के लिए शैलेश शर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मंच से सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और उपस्थित दर्शकों का आभार सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने व्यक्त किया।

आयोजकों ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मकसद प्रतियोगी पीढ़ियों को शास्त्रीय और फिल्मी संगीत की धरोहर से परिचित कराना तथा समकालीन कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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