bareillylive@bareillynews:सबहेड: एक किसान के नाम पर तय सीमा से कई गुना अधिक खरीद दर्ज होने का दावा; अभिलेखों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
बरेली। बदायूं जिले में मक्का खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर किसान एकता संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, बरेली को ज्ञापन सौंपकर मक्का खरीद में गड़बड़ी की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
किसान नेता डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि निर्धारित खरीद सीमा के बावजूद कुछ खरीद केंद्रों पर एक ही किसान के नाम पर बड़ी मात्रा में मक्का खरीद दर्ज की गई। संगठन का दावा है कि एक किसान से अधिकतम 50 कुंतल मक्का खरीद की सीमा निर्धारित है, जबकि कुछ केंद्रों पर एक ही किसान के नाम से एक दिन में 150 से 200 कुंतल तक मक्का खरीद दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
किसानों के बजाय व्यापारियों से खरीद का आरोप
किसान एकता संघ ने आशंका जताई कि वास्तविक किसानों से खरीद करने के बजाय कुछ स्थानों पर व्यापारियों से मक्का खरीदकर किसानों के नाम पर रिकॉर्ड तैयार किए गए। संगठन ने खरीद केंद्रों के अभिलेखों, किसानों के विवरण और खरीद से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में संगठन की ओर से सेंटर इंचार्ज और जिला विपणन अधिकारी पर मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं। किसान एकता संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पहले भी खरीद में गड़बड़ी की शिकायत का दावा
संगठन ने कहा कि बरेली और बदायूं में इससे पहले भी धान, बाजरा और मक्का खरीद में कथित अनियमितताओं की शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो किसानों के हित में आंदोलन किया जाएगा।
किसान एकता संघ ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करेगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
ये लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में यज्ञ प्रकाश गंगवार, पं. राजेश शर्मा, डॉ. हरिओम राठौर, बोहरनलाल गुर्जर, अंशु भारद्वाज, सुरेंद्र तिवारी, संजय पाठक, फतेह सिंह गुर्जर, राजेंद्र सिंह और वीरेश पाल समेत किसान एकता संघ के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
नोट: मक्का खरीद में अनियमितता और अधिकारियों की मिलीभगत से जुड़े आरोप किसान एकता संघ की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।






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