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स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद कर समस्याओं का समाधान करेगा बरेली विकास प्राधिकरण

स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद कर समस्याओं

स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद कर समस्याओं का समाधान करेगा बरेली विकास प्राधिकरण

Bareillylive : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के विजन को आगे बढ़ाते हुए बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा भवन मानचित्र स्वीकृति एवं भवन निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक सरल, सुगम, पारदर्शी, व्यावहारिक एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

इसी क्रम में बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ ‘विकास संवाद’ आयोजित किए जाएंगे। इन संवाद बैठकों का उद्देश्य संबंधित पक्षों के साथ सीधे एवं सकारात्मक संवाद स्थापित कर मानचित्र स्वीकृति एवं भवन निर्माण से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों को समझना, उनका समाधान तलाशना तथा प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्था में आवश्यक सुधार एवं गतिशीलता लाना है।

इन संवाद बैठकों में आर्किटेक्ट, इंजीनियर, लाइसेंस प्राप्त तकनीकी प्रोफेशनल (स्ज्च्), बिल्डर/डेवलपर, औद्योगिक संघ, उद्योग प्रतिनिधि, मेडिकल एसोसिएशन, अस्पताल प्रतिनिधि, विद्यालय एवं शैक्षणिक संस्थान तथा होटल एसोसिएशन एवं होटल उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।

निर्धारित कार्यक्रम
दिनांक दिवस संबंधित स्टेकहोल्डर
03 सितम्बर 2026 बृहस्पतिवार आर्किटेक्ट/इंजीनियर/लाइसेंस प्राप्त तकनीकी प्रोफेशनल (स्ज्च्)
10 सितम्बर 2026 बृहस्पतिवार बिल्डर/डेवलपर
17 सितम्बर 2026 बृहस्पतिवार औद्योगिक संघ/उद्योग प्रतिनिधि
24 सितम्बर 2026 बृहस्पतिवार मेडिकल एसोसिएशन/अस्पताल प्रतिनिधि
01 अक्टूबर 2026 बृहस्पतिवार विद्यालय/शैक्षणिक संस्थान
08 अक्टूबर 2026 बृहस्पतिवार होटल एसोसिएशन/होटल उद्योग प्रतिनिधि

विकास संवाद के प्रमुख उद्देश्य

बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित किए जा रहे इन संवाद कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना ही नहीं, बल्कि समस्याओं के व्यावहारिक एवं सकारात्मक समाधान के लिए संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर कार्य करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नवत हैंकृ

अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं का यथासंभव त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण करना।
बरेली विकास प्राधिकरण से संबंधित प्रकरणों, विशेषकर भवन मानचित्र स्वीकृति, भवन निर्माण, विकास कार्यों एवं अन्य प्रक्रियागत विषयों से जुड़ी समस्याओं का समाधान तलाशना।

इजी ऑफ ड्यूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना, ताकि भवन निर्माण, विकास एवं निवेश से संबंधित प्रक्रियाएं सरल, स्पष्ट, पारदर्शी एवं समयबद्ध हो सकें।

स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना तथा विकास गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करना।

बरेली शहर के सुनियोजित एवं समग्र विकास के संबंध में सकारात्मक चर्चा करना तथा स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को विकास योजनाओं से जोड़ना।

मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक एवं तकनीकी कठिनाइयों की पहचान कर उनके समाधान के लिए आवश्यक सुधार करना।

बार-बार लगने वाली आपत्तियों एवं मानचित्र की पुनरावृत्त स्क्रूटिनी को कम करना, जिससे आवेदकों को अनावश्यक विलम्ब का सामना न करना पड़े।
प्राधिकरण एवं स्टेकहोल्डर्स के बीच निरंतर संवाद एवं बेहतर समन्वय स्थापित करना।

ऑनलाइन भवन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली एवं पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का फीडबैक प्राप्त कर आवश्यक सुधार हेतु कार्यवाही करना।

मानचित्र स्वीकृति एवं भवन निर्माण से संबंधित नियमों एवं प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में सुझाव प्राप्त करना।

निवेशकों, उद्यमियों, बिल्डर्स एवं डेवलपर्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना, जिससे शहर में नियोजित विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन मिले।

शहर के विकास में शामिल विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ लेते हुए बेहतर एवं व्यावहारिक व्यवस्था विकसित करना।

जनभागीदारी एवं स्टेकहोल्डर भागीदारी के माध्यम से ऐसी व्यवस्था विकसित करना, जिसमें नागरिकों एवं संबंधित पक्षों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।

बरेली के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर, आवास, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, होटल एवं अन्य क्षेत्रों के संतुलित विकास पर सकारात्मक विचार-विमर्श करना।

प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक का परीक्षण कर व्यवस्थागत सुधारों एवं प्रक्रियागत सरलीकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाना।

प्राधिकरण द्वारा इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि मानचित्र पुनः प्रस्तुत किए जाने से पूर्व स्क्रूटिनी में लगाई गई आपत्तियों का पूर्ण एवं बिंदुवार अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इससे बार-बार आपत्तियां लगने तथा मानचित्र की स्क्रूटिनी के कई चक्रों के कारण होने वाले अनावश्यक विलम्ब को कम किया जा सकेगा।

संवाद के दौरान स्टेकहोल्डर्स से यह भी सुझाव लिए जाएंगे कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को किस प्रकार और अधिक सरल, स्पष्ट, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जा सकता है। प्राप्त सुझावों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों का परीक्षण कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

उपाध्यक्ष महोदया ने कहा

“मा0 मुख्यमंत्री जी के सुशासन एवं जनसेवा के विजन के अनुरूप बरेली विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि आमजन एवं स्टेकहोल्डर्स को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हों। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ सीधे संवाद किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि समस्याओं को केवल कार्यालय स्तर पर देखने के बजाय संबंधित पक्षों से संवाद कर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएं।”

उन्होंने कहा कि आर्किटेक्ट, इंजीनियर, बिल्डर/डेवलपर, उद्योग, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान एवं होटल उद्योग सहित सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को महत्व दिया जाएगा। संवाद के माध्यम से प्राप्त सुझावों के आधार पर मानचित्र स्वीकृति व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता, गतिशीलता, जवाबदेही एवं समयबद्धता लाई जा सके।

उन्होंने कहा कि बरेली के सुनियोजित एवं समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद आवश्यक है। विकास संवाद के माध्यम से न केवल प्रक्रियागत समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शहर के भविष्य के विकास, निवेश, रोजगार सृजन एवं बेहतर नागरिक सुविधाओं के संबंध में भी सकारात्मक सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।

जनभागीदारी एवं स्टेकहोल्डर भागीदारी से बनेगी बेहतर व्यवस्था

बरेली विकास प्राधिकरण की यह पहल जनभागीदारी, स्टेकहोल्डर भागीदारी एवं जनसेवा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्राधिकरण का उद्देश्य है कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया आवेदकों एवं तकनीकी प्रोफेशनल्स के लिए स्पष्ट एवं सुविधाजनक हो तथा प्रक्रियागत कमियों के कारण होने वाले अनावश्यक विलम्ब को न्यूनतम किया जा सके।

विकास संवाद के माध्यम से प्राधिकरण और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के बीच विश्वास, समन्वय एवं संवाद की निरंतर प्रक्रिया विकसित की जाएगी, ताकि सामने आने वाली समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सके।

मा0 मुख्यमंत्री जी के “सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित जनसेवा” के विजन को धरातल पर उतारते हुए बीडीए द्वारा यह संवादात्मक पहल की जा रही है, ताकि “सरल प्रक्रिया, स्पष्ट जानकारी, सकारात्मक संवाद और समयबद्ध सेवा” के माध्यम से नागरिकों, तकनीकी प्रोफेशनल्स, निवेशकों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स को बेहतर सुविधा प्रदान की जा सके तथा बरेली के विकास को नई गति दी जा सके।

Bareillylive : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के विजन को आगे बढ़ाते हुए बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा भवन मानचित्र स्वीकृति एवं भवन निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक सरल, सुगम, पारदर्शी, व्यावहारिक एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

इसी क्रम में बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ ‘विकास संवाद’ आयोजित किए जाएंगे। इन संवाद बैठकों का उद्देश्य संबंधित पक्षों के साथ सीधे एवं सकारात्मक संवाद स्थापित कर मानचित्र स्वीकृति एवं भवन निर्माण से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों को समझना, उनका समाधान तलाशना तथा प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्था में आवश्यक सुधार एवं गतिशीलता लाना है।

इन संवाद बैठकों में आर्किटेक्ट, इंजीनियर, लाइसेंस प्राप्त तकनीकी प्रोफेशनल (स्ज्च्), बिल्डर/डेवलपर, औद्योगिक संघ, उद्योग प्रतिनिधि, मेडिकल एसोसिएशन, अस्पताल प्रतिनिधि, विद्यालय एवं शैक्षणिक संस्थान तथा होटल एसोसिएशन एवं होटल उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।

निर्धारित कार्यक्रम
दिनांक दिवस संबंधित स्टेकहोल्डर
03 सितम्बर 2026 बृहस्पतिवार आर्किटेक्ट/इंजीनियर/लाइसेंस प्राप्त तकनीकी प्रोफेशनल (स्ज्च्)
10 सितम्बर 2026 बृहस्पतिवार बिल्डर/डेवलपर
17 सितम्बर 2026 बृहस्पतिवार औद्योगिक संघ/उद्योग प्रतिनिधि
24 सितम्बर 2026 बृहस्पतिवार मेडिकल एसोसिएशन/अस्पताल प्रतिनिधि
01 अक्टूबर 2026 बृहस्पतिवार विद्यालय/शैक्षणिक संस्थान
08 अक्टूबर 2026 बृहस्पतिवार होटल एसोसिएशन/होटल उद्योग प्रतिनिधि

विकास संवाद के प्रमुख उद्देश्य

बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित किए जा रहे इन संवाद कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना ही नहीं, बल्कि समस्याओं के व्यावहारिक एवं सकारात्मक समाधान के लिए संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर कार्य करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नवत हैंकृ

अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं का यथासंभव त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण करना।
बरेली विकास प्राधिकरण से संबंधित प्रकरणों, विशेषकर भवन मानचित्र स्वीकृति, भवन निर्माण, विकास कार्यों एवं अन्य प्रक्रियागत विषयों से जुड़ी समस्याओं का समाधान तलाशना।

इजी ऑफ ड्यूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना, ताकि भवन निर्माण, विकास एवं निवेश से संबंधित प्रक्रियाएं सरल, स्पष्ट, पारदर्शी एवं समयबद्ध हो सकें।

स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना तथा विकास गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करना।

बरेली शहर के सुनियोजित एवं समग्र विकास के संबंध में सकारात्मक चर्चा करना तथा स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को विकास योजनाओं से जोड़ना।

मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक एवं तकनीकी कठिनाइयों की पहचान कर उनके समाधान के लिए आवश्यक सुधार करना।

बार-बार लगने वाली आपत्तियों एवं मानचित्र की पुनरावृत्त स्क्रूटिनी को कम करना, जिससे आवेदकों को अनावश्यक विलम्ब का सामना न करना पड़े।
प्राधिकरण एवं स्टेकहोल्डर्स के बीच निरंतर संवाद एवं बेहतर समन्वय स्थापित करना।

ऑनलाइन भवन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली एवं पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का फीडबैक प्राप्त कर आवश्यक सुधार हेतु कार्यवाही करना।

मानचित्र स्वीकृति एवं भवन निर्माण से संबंधित नियमों एवं प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में सुझाव प्राप्त करना।

निवेशकों, उद्यमियों, बिल्डर्स एवं डेवलपर्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना, जिससे शहर में नियोजित विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन मिले।

शहर के विकास में शामिल विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ लेते हुए बेहतर एवं व्यावहारिक व्यवस्था विकसित करना।

जनभागीदारी एवं स्टेकहोल्डर भागीदारी के माध्यम से ऐसी व्यवस्था विकसित करना, जिसमें नागरिकों एवं संबंधित पक्षों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।

बरेली के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर, आवास, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, होटल एवं अन्य क्षेत्रों के संतुलित विकास पर सकारात्मक विचार-विमर्श करना।

प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक का परीक्षण कर व्यवस्थागत सुधारों एवं प्रक्रियागत सरलीकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाना।

प्राधिकरण द्वारा इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि मानचित्र पुनः प्रस्तुत किए जाने से पूर्व स्क्रूटिनी में लगाई गई आपत्तियों का पूर्ण एवं बिंदुवार अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इससे बार-बार आपत्तियां लगने तथा मानचित्र की स्क्रूटिनी के कई चक्रों के कारण होने वाले अनावश्यक विलम्ब को कम किया जा सकेगा।

संवाद के दौरान स्टेकहोल्डर्स से यह भी सुझाव लिए जाएंगे कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को किस प्रकार और अधिक सरल, स्पष्ट, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जा सकता है। प्राप्त सुझावों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों का परीक्षण कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

उपाध्यक्ष महोदया ने कहा

“मा0 मुख्यमंत्री जी के सुशासन एवं जनसेवा के विजन के अनुरूप बरेली विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि आमजन एवं स्टेकहोल्डर्स को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हों। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ सीधे संवाद किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि समस्याओं को केवल कार्यालय स्तर पर देखने के बजाय संबंधित पक्षों से संवाद कर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएं।”

उन्होंने कहा कि आर्किटेक्ट, इंजीनियर, बिल्डर/डेवलपर, उद्योग, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान एवं होटल उद्योग सहित सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को महत्व दिया जाएगा। संवाद के माध्यम से प्राप्त सुझावों के आधार पर मानचित्र स्वीकृति व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता, गतिशीलता, जवाबदेही एवं समयबद्धता लाई जा सके।

उन्होंने कहा कि बरेली के सुनियोजित एवं समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद आवश्यक है। विकास संवाद के माध्यम से न केवल प्रक्रियागत समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शहर के भविष्य के विकास, निवेश, रोजगार सृजन एवं बेहतर नागरिक सुविधाओं के संबंध में भी सकारात्मक सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।

जनभागीदारी एवं स्टेकहोल्डर भागीदारी से बनेगी बेहतर व्यवस्था

बरेली विकास प्राधिकरण की यह पहल जनभागीदारी, स्टेकहोल्डर भागीदारी एवं जनसेवा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्राधिकरण का उद्देश्य है कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया आवेदकों एवं तकनीकी प्रोफेशनल्स के लिए स्पष्ट एवं सुविधाजनक हो तथा प्रक्रियागत कमियों के कारण होने वाले अनावश्यक विलम्ब को न्यूनतम किया जा सके।

विकास संवाद के माध्यम से प्राधिकरण और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के बीच विश्वास, समन्वय एवं संवाद की निरंतर प्रक्रिया विकसित की जाएगी, ताकि सामने आने वाली समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सके।

मा0 मुख्यमंत्री जी के “सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित जनसेवा” के विजन को धरातल पर उतारते हुए बीडीए द्वारा यह संवादात्मक पहल की जा रही है, ताकि “सरल प्रक्रिया, स्पष्ट जानकारी, सकारात्मक संवाद और समयबद्ध सेवा” के माध्यम से नागरिकों, तकनीकी प्रोफेशनल्स, निवेशकों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स को बेहतर सुविधा प्रदान की जा सके तथा बरेली के विकास को नई गति दी जा सके।

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