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डॉलर से दूरी पर ब्रिक्स ने बरती सावधानी, साझा मुद्रा के बजाय स्थानीय करेंसी में व्यापार पर जोर

डॉलर से दूरी पर ब्रिक्स ने बरती सावधानी

bareillylive@bareillynews:वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के संयुक्त बयान में साझा मुद्रा या डॉलर को हटाने का उल्लेख नहीं

नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की चर्चाओं के बीच ब्रिक्स देशों ने फिलहाल साझा मुद्रा को लेकर सावधानी बरती है। ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में साझा मुद्रा बनाने या अमेरिकी डॉलर को औपचारिक रूप से हटाने का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इसके बजाय सदस्य देशों ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा सीमा-पार भुगतान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

संयुक्त बयान में अंतर-संचालनीय भुगतान प्रणालियों, स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन और सदस्य देशों के बीच स्वैच्छिक सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई है। बयान में कहा गया कि यह सहयोग प्रत्येक देश की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए आगे बढ़ाया जाएगा।

तेज और कम लागत वाली भुगतान व्यवस्था पर जोर

बैठक में ब्रिक्स भुगतान कार्यबल (BPTF) के काम की भी चर्चा हुई। सदस्य देशों ने सीमा-पार भुगतान को तेज, कम लागत वाला, अधिक सुलभ, दक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशने पर जोर दिया।

संयुक्त बयान में ब्रिक्स भुगतान कार्यबल को अपने मौजूदा प्रयासों के आधार पर चर्चा आगे बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच सीमा-पार भुगतान के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

ईरान ने राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल की वकालत की

ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सदस्य देशों के बीच राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में मुद्राओं पर निर्भर मौजूदा वित्तीय व्यवस्था राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील है।

पेजेशकियान ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के माध्यम से ऐसे लेनदेन को बढ़ावा देने की भी वकालत की, जिनसे डॉलर पर निर्भरता कम की जा सके।

पुतिन ने टिकाऊ वैश्विक वृद्धि मंच बनाने की बात कही

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रतिबंधों और अन्य उपायों के जरिये अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सीमित करने के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने ब्रिक्स को वैश्विक आर्थिक वृद्धि का नया और टिकाऊ मंच बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

भारत ने भी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और सदस्य देशों की भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने का समर्थन किया है।

यूपीआई जैसे ढांचे के इस्तेमाल पर भारत का जोर

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों की भुगतान प्रणालियों को जोड़ने तथा भारत के यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान ढांचे का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया।

इस तरह ब्रिक्स देशों ने फिलहाल डॉलर के विकल्प के रूप में किसी साझा मुद्रा की दिशा में औपचारिक कदम उठाने के बजाय स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, आपसी भुगतान प्रणालियों की कनेक्टिविटी और सीमा-पार लेनदेन को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

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