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सचिन कश्यप हत्याकांड में कठोर कार्रवाई की मांग, हिंदुस्तानी पसमांदा मंच ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

भाजपा ओबीसी मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष सचिन कश्यप की चाकू

bareillylive@bareillynews:बरेली, 31 अगस्त 2026। भाजपा ओबीसी मोर्चा, मणिनाथ मंडल के मंडल उपाध्यक्ष रहे स्वर्गीय सचिन कश्यप की हत्या के मामले में कठोर कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग को लेकर हिंदुस्तानी पसमांदा मंच, बरेली ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मंच ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

मंच के जिला अध्यक्ष शारिक अब्बासी ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि सचिन कश्यप की चाकू से हत्या की घटना बेहद दुखद और गंभीर है। घटना के बाद उनके परिवार, भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश के साथ असुरक्षा की भावना है।

असामाजिक गतिविधियों के विरोध का भी किया जिक्र

ज्ञापन में स्थानीय लोगों और परिजनों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया कि सचिन कश्यप क्षेत्र में सामाजिक और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहते थे। आरोप लगाया गया कि मांझे की बगिया और बंसी नगला क्षेत्र में शराब पीने, जुआ खेलने और रात में कथित असामाजिक गतिविधियों का वह विरोध करते थे। इसी वजह से कुछ लोगों से उनकी रंजिश होने की आशंका जताई गई है।

मंच ने पुलिस से इस पहलू के साथ-साथ हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की भी गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग

ज्ञापन में मांग की गई कि हत्या में शामिल मुख्य आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए।

परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता और नौकरी की मांग

हिंदुस्तानी पसमांदा मंच ने सरकार के सामने छह प्रमुख मांगें रखीं। इनमें:

  1. स्वर्गीय सचिन कश्यप के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
  2. उनकी पत्नी को शैक्षिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी
  3. पीड़ित परिवार को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराना
  4. हत्या की त्वरित और निष्पक्ष जांच
  5. हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और सचिन कश्यप की राजनीतिक एवं सामाजिक सक्रियता समेत सभी पहलुओं की जांच।
  6. क्षेत्र में कथित असामाजिक गतिविधियों के विरोध से जुड़े पहलू की भी जांच।

मंच ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और आम नागरिकों में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो।

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