bareillylive@bareillynews:नेपाल में छिपकर फर्जी नाम से चला रहा था नेटवर्क, मुख्य सरगना समेत 10 से अधिक आरोपी जांच के घेरे में
बरेली। जीएसटी एसआईटी बरेली और थाना कैंट पुलिस ने फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी, बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और वित्तीय हेराफेरी करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी फरजान हाशमी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, फरजान घटना के बाद नेपाल भाग गया था और वहां ‘संदीप’ नाम से रहकर जंगी ऐप के माध्यम से अपने साथियों के संपर्क में था।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा एसआईटी के नोडल एसपी अपराध मनीष चंद्र सोनकर के पर्यवेक्षण में मुख्य विवेचक एवं थाना कैंट प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर के नेतृत्व में की गई। इससे पहले मामले में सद्दाम हुसैन और मोहम्मद समद उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
फर्जी फर्मों की चेन बनाकर काटे जा रहे थे बिल
पुलिस की पूछताछ में गिरोह के संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक सागर अग्रवाल गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। वह कथित तौर पर लाभ प्राप्त करने वाली वास्तविक कंपनियों और बोगस आईटीसी तैयार करने वाली फर्जी फर्मों के बीच कड़ी का काम करता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी फरजान हाशमी ने पूछताछ में बताया कि डीएम कंपाउंड के सामने कार्यालय खोलकर विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल समेत अन्य लोग फर्जी फर्मों की चेन संचालित करते थे। दिल्ली निवासी आसिफ के माध्यम से फर्जी आधार और पैन कार्ड हासिल कर कई फर्में तैयार की गईं। इन फर्मों के नाम पर बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए फर्जी बिल तैयार किए जाते थे।
100 करोड़ से अधिक का लेनदेन सामने आया
पुलिस के मुताबिक जांच में इस नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की बात सामने आई है। मामले में विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल, शिवम गुप्ता उर्फ लल्ला, सैय्यद सैफ, शाजिर और आसिफ समेत कई अन्य लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार कई आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस ने अलग-अलग मुकदमों में आरोपी सागर अग्रवाल पुत्र राम अवतार, विनीत अरोरा पुत्र मुनेंद्र कुमार, अनुज अग्रवाल पुत्र राजेश कुमार तथा शिवम गुप्ता उर्फ लल्ला पुत्र शिव शंकर गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
कई फर्जी फर्मों के नाम सामने आए
जांच के दौरान एफएस ट्रेडर्स, नाइट स्टार, आर्ट लाइफ हुडा, आर्ट लाइफ एसोसिएट, अरहम एग्रो फूड्स, सिद्धि विनायक एंटरप्राइज और मां एंटरप्राइज समेत कई फर्मों के नाम सामने आए हैं। पुलिस को आशंका है कि इन फर्मों का इस्तेमाल फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी के लिए किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक लैपटॉप, चार्जर, माउस और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के साथ फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में सामने आए अन्य आरोपियों और फर्जी फर्मों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।






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