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बेंगलुरु में यूपी महोत्सव का भव्य आगाज!आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में संस्कृति और संगीत की सजी जादुई महफिल

बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में शुक्रवार को प्रथम ‘यूपी महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस त्रिदिवसीय महोत्सव ने संस्कृति, संगीत, आध्यात्मिकता और लोक परंपराओं का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। महोत्सव का उद्घाटन प्रख्यात बनारस घराने के शास्त्रीय गायक और पद्म पुरस्कार से सम्मानित पंडित साजन मिश्र की सुरमयी प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने श्रोताओं को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की आध्यात्मिक यात्रा पर पहुंचा दिया।

पंडित साजन मिश्र ने गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की सराहना करते हुए कहा, “गुरुदेव की दृष्टि सदैव अत्यंत व्यापक और विराट रही है। वे किसी भी कार्य को इतने भव्य स्तर पर क्रियान्वित करते हैं कि संपूर्ण विश्व उसे सम्मान की दृष्टि से देखता है।” उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने पर संस्था की निरंतर बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को गुरुदेव की दूरदर्शिता का परिणाम बताया।

महोत्सव में पद्मश्री सम्मानित लोक गायिका उर्मिला श्रीवास्तव की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने ‘गुरु वंदना’, ‘देवी वंदना’ और पारंपरिक ‘कजरी गायन’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति की जीवंत झलक पेश की। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को भक्ति, लोकस्मृतियों और सांस्कृतिक गौरव के भाव से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के ट्रस्टी के. वेंकट रमन घनपाठी ने विशेष देवी पूजा में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर का अभिनंदन किया। वहीं, आर्ट ऑफ लिविंग के उत्तर प्रदेश चैप्टर के सदस्यों ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए गुरुदेव को सम्मानित किया।

22 से 24 मई तक चलने वाले इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) और ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOC) योजनाओं के अंतर्गत लगाए गए स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन स्टॉलों पर राज्य के 75 जिलों के हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, क्षेत्रीय व्यंजन और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा तैयार विशेष दीर्घा में अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक नगरों की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया है। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक मंच प्रदान करना है।

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