Bareillylive : माधव राव सिंधिया स्कूल में आयोजित बहुप्रतीक्षित उद्घाटन समारोह ने गरिमा, उत्साह और प्रेरणा का अनुपम संगम प्रस्तुत किया। यह आयोजन न केवल एक औपचारिक शुरुआत था, बल्कि आने वाली यात्रा के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करने वाला प्रतीक साबित हुआ। एमसी सुश्री शुभी तोमर और सुश्री आशना चावला ने अपने गर्मजोशी भरे और पेशेवर अंदाज से दर्शकों का स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम सुचारु रूप से चला। सैकड़ों उपस्थित छात्रों, अभिभावकों और गणमान्य व्यक्तियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से इसका स्वागत किया।
समारोह पारंपरिक सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुआ, जिसमें कलाकारों ने मधुर स्वरों में ज्ञान व बुद्धि की देवी का आह्वान किया। इसके ठीक बाद सम्मानित अतिथियों ने एक साथ दीप प्रज्वलन कर औपचारिक उद्घाटन किया, जो सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत कर गया। इनवर्टिस यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर श्री पार्थ गौतम की उपस्थिति ने विशेष उत्साह पैदा किया। युवाओं के बीच उनकी प्रसिद्धि और मार्गदर्शन ने बच्चों को प्रेरित किया, जो उनके भाषणों से स्पष्ट झलका।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण यूपीएससी 2022 की अखिल भारतीय रैंक-1 धारक सुश्री ईशिता किशोर रहीं, जो वर्तमान में बरेली में जॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं। उनकी उपलब्धि ने युवाओं में सिविल सेवा की आकांक्षा को प्रज्वलित किया। विशिष्ट अतिथियों का विस्तृत परिचय व सम्मान सत्र में उनके योगदान—शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक कार्यक्षेत्र में—की विस्तार से सराहना की गई। एक उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो प्रस्तुति ने संस्था की दृष्टि, प्रमुख उपलब्धियाँ, भविष्य की आकांक्षाएँ तथा विभिन्न समितियों (जैसे सांस्कृतिक, खेल, सामाजिक सेवा) के एजेंडे को जीवंत ढंग से दिखाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
औपचारिक संबोधनों ने आयोजन को वैचारिक गहराई प्रदान की। श्रीमती नीतिका गुप्ता ने अपने विचारोत्तेजक भाषण में समर्पण, दूरदर्शिता और चुनौतियों पर विजय के महत्व पर प्रकाश डाला, उदाहरण देकर बताया कि कैसे दृढ़ इच्छाशक्ति लक्ष्य प्राप्ति का आधार बनती है। डॉ. सौरभ अग्रवाल ने प्रेरणादायक शब्दों से युवाओं को उत्साहित किया, सफलता के सूत्र साझा करते हुए कहा कि ‘कड़ी मेहनत और नैतिकता ही सच्ची उड़ान का आधार हैं’।
सेक्रेटेरिएट का परिचय पर्दे के पीछे की मेहनतकश टीम की भूमिका को उजागर करने वाला रहा। उसके बाद शपथ ग्रहण समारोह में कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों ने मंच पर खड़े होकर अपनी जिम्मेदारियों के प्रति औपचारिक प्रतिबद्धता जताई। प्रत्येक सदस्य का व्यक्तिगत परिचय कराया गया, जो बोर्ड की विविधता व क्षमता को दर्शाता रहा।
मुख्य अतिथियों के संबोधनों ने समारोह को चरमोत्कर्ष पर पहुँचाया। उनके प्रेरक विचारों ने उत्कृष्टता, टीमवर्क और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर दिया, जिससे दर्शकगण भावुक हो उठे। समापन सुश्री शैफाली के हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन से हुआ, जिसमें अतिथियों, टीम, सहयोगियों और उपस्थितजनों का विशेष आभार व्यक्त किया गया। अंत में, श्री आभास ने औपचारिक रूप से कार्यक्रम के शुभारंभ की घोषणा की, जो नए आशाजनक अध्याय की शुरुआत का प्रतीक था।
कुल मिलाकर, यह सुव्यवस्थित आयोजन परंपरा व उद्देश्य का सुंदर मेल था, जिसने सभी के मन में उत्साह व अपेक्षा भर दी। जैसा कि प्रसिद्ध कहावत है—किसी भी कार्यक्रम का अंत तब तक नहीं होता, जब तक लोग उसके बारे में बातें करते थक न जाएँ। यह समारोह निश्चित रूप से लंबे समय तक चर्चा का विषय बनेगा।






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