The Voice of Bareilly since 2010

उत्तर प्रदेश में मेजर ध्यानचंद खेल स्पर्धा का आगाज, 5 सितंबर से गढ़वाल में निकलेगी देवभूमि खेल चेतना यात्रा

उत्तर प्रदेश में मेजर ध्यानचंद खेल स्पर्धा का आगाज

खेल, संस्कृति, पर्यावरण और नशामुक्ति के संदेश के साथ युवाओं को जोड़ने का अभियान

bareillylive@bareillynews:बरेली। खेल जगत फाउंडेशन की ओर से बुधवार को उपजा प्रेस क्लब में खेल और सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजनों को लेकर प्रेस वार्ता की गई। फाउंडेशन के रतन कुमार गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों, विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में चतुर्थ मेजर ध्यानचंद खेल स्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय खेल दिवस से शुरू हुई यह स्पर्धा 27 दिसंबर तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से चलेगी।

उन्होंने बताया कि फाउंडेशन का उद्देश्य खेलों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरूकता से जोड़ना है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और युवाओं के बीच खेल गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

5 सितंबर से गढ़वाल में निकलेगी यात्रा

रतन गुप्ता ने बताया कि उत्तराखंड सरकार के खेल, युवा कल्याण और पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित द्वितीय देवभूमि खेल चेतना यात्रा का कुमाऊं मंडल चरण पूरा हो चुका है। अब गढ़वाल मंडल चरण पांच सितंबर से शुरू होगा। यात्रा पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार से होकर 18 सितंबर को देहरादून में संपन्न होगी।

यात्रा के दौरान युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ लोक संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति का संदेश दिया जाएगा। दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।

गांवों तक पहुंचेंगे खेल

रतन गुप्ता ने कहा कि गांवों और छोटे कस्बों में रहने वाले बच्चों और युवाओं को खेलों का अवसर उपलब्ध कराना फाउंडेशन की प्राथमिकता है। हॉकी, कबड्डी, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, कुश्ती और आर्मरेसलिंग समेत विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और मार्गदर्शन के अभाव में कई खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

खिलाड़ियों के हितों के प्रति जागरूकता पर जोर

उन्होंने कहा कि खेल आयोजनों के साथ खिलाड़ियों को उनके हितों और अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। खेल के नाम पर मनमानी धनराशि वसूली और खिलाड़ियों के शोषण जैसी समस्याओं के प्रति युवाओं को सजग किया जाएगा। खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और पारदर्शी खेल व्यवस्था मिलनी चाहिए।

खेलों के साथ पर्यावरण और संस्कार का संदेश

फाउंडेशन की ओर से खेल गतिविधियों के साथ पौधरोपण, स्वच्छता, योग, स्वस्थ जीवनशैली और संस्कार निर्माण से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान

रतन गुप्ता ने कहा कि मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन और उपलब्धियों से प्रेरणा लेकर युवाओं में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन इससे पहले भी प्रदेश के खेल विभाग और युवा कल्याण विभाग के सहयोग से सभी 75 जिलों में विभिन्न खेल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर चुका है।

फाउंडेशन के संरक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। खेल आधारित आयोजन युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

मनीष अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए ऐसे आयोजनों को लगातार बढ़ावा देने की जरूरत है। उपजा प्रेस क्लब अध्यक्ष पवन सक्सेना ने भी खेलों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास की सराहना की।

रतन कुमार गुप्ता ने कहा कि “मैदान में आएगा युवा तो स्वस्थ बनेगा समाज और नशे से दूर रहेगा भविष्य।” इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश में मेजर ध्यानचंद खेल स्पर्धा और उत्तराखंड में देवभूमि खेल चेतना यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!