Bareillylive : अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बरेली के द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी नव संवत् २०८३ की वैदिक सनातन पर्वों का संपूर्ण संकलन सूक्ष्म एक छोटी सी पुस्तिका के रूप में परशुराम गंगा के पावन तट पर स्थित सनातन संस्कृति विद्या निकेतन (आधुनिक गुरुकुल) में पधारे अनंत श्री विभूषित पूज्य दण्डी स्वामी श्री ब्रह्मानंद जी महाराज और पूज्य डॉ श्री गुण चैतन्य प्रकाश जी के पूज्य कर कमलों से संपन्न हुआ।
पूज्य दण्डी स्वामी जी द्वारा अपने आशीर्वचन में कहा कि वैदिक सनातन धर्म युगों युगों से चला आ रहा है, काल गणना भी इस समय पूर्णरूपेण विज्ञान की कसौटियों पर खरा ही नहीं उतरता है, बल्कि जहां विज्ञान निरुत्तर हो जाता है वहां वैदिक सनातन धर्म जीवन को उच्चता -उत्कृष्टता की ओर चलने की राह दिखाता है। हम सभी को मानव जीवन मानवता की रक्षा, सृष्टि में ईश्वर की प्रत्येक उत्पत्ति को सुरक्षित रखने, प्रकृति पर्यावरण को सहजने में अपनी ऊर्जा का प्रयोग करते रहना चाहिए। वैदिक सनातन धर्म प्राणियों में सद्भावना का संदेश, संयमित जीवन, त्याग और तपस्या से ईश्वर भक्ति कर जीवन जीने का सार बताता है। यह व्रतोत्सव पत्रिका घरों घरों तक इसलिए भी पहुंचना जरूरी है कि हम अपने धर्म के साथ उन वैदिक काल गणनाओं को भी सूक्ष्मता से अपने जीवन में उतारें और अगली पीढ़ी को इससे जुड़ने को प्रेरित करें। वार्षिक राशि फलादेश आचार्य अम्बरीष जी ने पढ़कर सुनाया।
विमोचन में प्रमुख रूप से अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेन्द्र पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष त्रिभुवन शर्मा, आचार्य ब्रह्म स्वरुप जी, आचार्य अम्बरीष जी, आचार्य शिव औतार मिश्रा जी, आचार्य मुनीश जी, आचार्य सतीश शर्मा जी, आचार्य हिमांशु जी, निर्दोष जी, प्रियांगु मिश्रा, शैलेश शर्मा, नमन जी, भगवान परशुराम सेवा ट्रस्ट से ऋषिपाल उपाध्याय, रमेश तिवारी, अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा बरेली के जिलाध्यक्ष गजेन्द्र पाण्डेय, महानगर अध्यक्ष कौशल सारस्वत, महामंत्री महेश पाठक, ठाकुर मुनेन्द्र सिंह चौहान आदि सैकड़ों सनातन धर्मानुरागी, स्नेहीजनों का सान्निध्य प्राप्त हुआ।






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