Bareillylive: अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा भगवान श्री चित्रगुप्त जी के प्रकटोत्सव (जन्मोत्सव) पर कलम दवात चौक में भव्य पूजन-अर्चना की गई। कायस्थ समाज ने इस अवसर पर सभी न्यायालयों में न्याय की मूर्ति के रूप में भगवान चित्रगुप्त जी की मूर्ति स्थापित करने की जोरदार मांग उठाई।
वैशाख शुक्ल सप्तमी (गंगा सप्तमी) को पूरे भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जा रहे इस पावन पर्व पर समाजजन एकजुट हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पार्षद शालिनी जौहरी, प्रदीप सक्सेना, वेद प्रकाश सक्सेना कातिव और अश्विनी कमठान ने भगवान श्री चित्रगुप्त जी की स्तुति से की। पंचमुखी दीपक से उनकी भव्य आरती उतारी गई, जिसमें कलम-दवात का विशेष महत्व रेखांकित किया गया। आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ, जिससे वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना कातिव ने बताया, “भगवान श्री चित्रगुप्त जी न्याय के देवता हैं। वे कर्मों का हिसाब रखते हैं और धर्म की रक्षा करते हैं। इसलिए हम सभी न्यायालयों में उनकी मूर्ति स्थापित करने की मांग करते हैं, ताकि न्याय व्यवस्था में उनकी प्रेरणा बनी रहे।”
यह उत्सव 2026 में 23 अप्रैल (गुरुवार) को सम्पूर्ण भारत में कायस्थ समाज द्वारा मनाया जा रहा है। कोहाड़ापीर के कलम दवात चौक को इस अवसर पर सजाया गया था, जहां भगवान की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और भजन-कीर्तन हुए। कायस्थ समाज के कार्यकर्ताओं ने इसे एक सामाजिक संदेश के रूप में लिया, जो न्याय, कर्म और धर्म पर जोर देता है।
इस अवसर पर वेद प्रकाश सक्सेना कातिव, पार्षद शालिनी जौहरी, प्रदीप सक्सेना, अश्विनी कमठान, बबीता रेक्रिवाल, किरन सक्सेना, डॉ. सुबोध अस्थाना, पंकज सक्सेना, अमित सक्सेना, अंश सक्सेना, सचिन श्याम भारतीय, संजय सक्सेना, मगन सिन्हा, स्मिथ जौहरी, अमर जौहरी, दिव्यांश सक्सेना, रजनीश सक्सेना, सचिन सक्सेना सहित बड़ी संख्या में चित्रांश कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने आरती में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया।
कायस्थ महासभा ने इस तरह के आयोजनों को नियमित बनाने का संकल्प लिया, ताकि युवा पीढ़ी भगवान चित्रगुप्त जी के आदर्शों से परिचित हो। समाज ने सरकार से भी अपील की कि न्यायालयों में उनकी मूर्ति स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को पवित्र बनाया जाए।






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