Bareillylive : मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर में पुरुषोत्तम मास में आयोजित सप्त दिवसीय राम कथा के छठवें दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने बताया की हनुमान जी के जीवन में भगवान राम के नाम, रूप, लीला, धाम ,चारों की पूर्णता है ऐसी पूर्णता किसी और पात्र के जीवन में नहीं दिखाई देती फिर भी हनुमान जी की मुख्य उपासना राम नाम की उपासना है, वे निरंतर राम नाम का जाप करते हैं! वे अपने सारे कार्य राम नाम के बल पर ही संपन्न करते हैं, उन्हें निरंतर अनुभव होता है की जो कुछ भी हो रहा है वह उनका चमत्कार नहीं उनके इष्टदेव प्रभु राम के नाम का चमत्कार है! इसीलिए जब हनुमान जी महाराज लंका से लौट कर आए तब बंदरों ने पूछा हम तो समुद्र का भयंकर रूप देखकर ही घबरा गए थे पर आपने उसको पार भी किया आपको भय नहीं लगा ?हनुमान जी ने कहा मैं तो निरंतर यही सोच रहा था कि मेरे प्रभु राम के नाम के बल पर लोग भवसागर से पार उतर जाते हैं और उनही प्रभु राम ने राम नाम अंकित मुद्रिका मुझे दी है और वह मेरे मुख में है तो मुझे इस साधारण सागर को पार करने में क्या कठिनाई होगी अतः मैं जो समुद्र पार कर गया उसमें मेरा नहीं मेरे प्रभु राम के नाम का चमत्कार है !
गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामायण में लिखा है हनुमान जी तो राम नाम के ऐसे उपासक हैं जिन्होंने राम नाम के बल पर प्रभु राम को ही बस में कर लिया है, सारा संसार प्रभु राम के बस में है और प्रभु राम हनुमान जी के बस में है! राम नाम की बहुत बड़ी महिमा है!!
ट्रस्ट के महामंत्री रवि छाबड़ा के अनुसार सप्त दिवसीय श्री राम कथा का विश्राम 8 तारीख को होगा मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुशील अरोड़ा, सचिव रवि छाबड़ा, उपाध्यक्ष अश्विनी ओबेरॉय, संजय आनन्द ,गोविंद तनेजा, रंजन कुमार व अन्य सदस्यों ने कथा व्यास जी का स्वागत एवं माल्यार्पण किया। सचिव रवि छाबड़ा ने बताया की पूज्य श्री बृजेश पाठक जी बहुत ही सरल स्वभाव के कथा व्यास हैं। कथा 8 जून तक प्रतिदिन रात्रि 8 से 9:15 तक होगी, कार्यक्रम की समाप्ति पर प्रसाद वितरण किया गया। मुख्य रूप से आज की सेवा में सुशील अरोड़ा, रवि छाबड़ा अश्विनी ओबेरॉय, संजय आनन्द, गोविन्द तनेजा आदि मौजूद थे। इसके साथ-साथ युवा मंडल के सदस्यों ने भी प्रसाद वितरण में सेवा की।






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