Bareillylive : श्री रामायण मंदिर माधव वाड़ी में चल रहे 16 दिवसीय तुलसी जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के षष्ठम दिन आज पूज्य धन्वंतरि दास जी महाराज ने कहा कि भगवान के बाल चरित्र को सुनने मात्र से हृदय पवित्र हो जाता है।
महाराज ने कथा के दौरान भगवान राम द्वारा गुरु विश्वामित्र की यज्ञ रक्षा के लिए ताड़का जैसी राक्षसी का वध करने का वृत्तांत सुनाया और अहिल्या उद्धार की मार्मिक कथा प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि प्रभु कृपा से पत्थर बन चुकी अहिल्या भी पुनः नारी स्वरूप में आ गईं और अहिल्या का रूप असल में उस विश्वास का प्रतीक है जो श्राप द्वारा जड़ हो जाता है पर ईश्वर की दया से पुनः चेतन हो उठता है।
महाराज ने रामचरितमानस की महिमा बताते हुए कहा कि इसमें अनेक ग्रंथों का रस समाहित है और यह कई रहस्यों व चरित्रों को संजोकर रखता है। उन्होंने दर्शकों से कहा कि रामचरितमानस सुनने के बाद हृदय अन्य किसी कथा की इच्छा नहीं करता। कथा सुनने आए रसिक-प्रेमियों में कथा के प्रति पिपासा और जिज्ञासा उमड़ती रही।
आज के सत्र का विश्राम भगवान राम के मिथिला आगमन के वर्णन के साथ हुआ। कथा के मध्य तुलसी स्थल मठ के मठाधीश पूज्य नीरज नयन दास जी का भी पावन सानिध्य प्राप्त हुआ, जिससे कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी।
कथा के यजमान श्री राधे श्याम भाटिया एवं श्रीमती नीतू भाटिया उपस्थित रहे। कथा प्रस्तुति में अनिल अरोड़ा, राकेश अरोड़ा, नवीन अरोड़ा, मनोज अरोड़ा, पवन अरोड़ा, आकाश अरोड़ा तथा विपिन गांधी सहित अन्य योगदानकर्ताओं का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।






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