Bareillylive: कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में साहूकारा स्थित हाथी वाले मंदिर के निकट सरस काव्य संध्या एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की। प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. महेश ‘मधुकर’ मुख्य अतिथि तथा साहित्यकार डॉ. मिथिलेश राकेश ‘मिथिला’ विशिष्ट अतिथि रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह का मुख्य आकर्षण हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं अविस्मरणीय योगदान के लिए डॉ. महेश ‘मधुकर’ को प्रदान किया गया ‘हिंदी साहित्य गौरव सम्मान’ रहा। आयोजकों ने उन्हें शॉल, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान कार्यक्रम संयोजक दीपक मुखर्जी ‘दीप’, सहसंयोजक राजकुमार अग्रवाल ‘राज’, संस्थाध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ तथा सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने संयुक्त रूप से प्रदान किया।
सम्मान से अभिभूत डॉ. महेश ‘मधुकर’ ने हिंदी भाषा की महत्ता पर आधारित अपनी रचना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा—
“भाषा है सुहानी राजरानी हिंदी भाषा मेरी,
हिंद के निवासियों को प्राण से भी प्यारी है।
मात्रा, स्वर, व्यंजन औ’ शुद्ध व्याकरण विधान,
बड़ी धनवान हिंदी भाषा ये हमारी है।”
उन्होंने अपनी रचना में तुलसी, कबीर, मीरा, सूर और रसखान जैसे महान कवियों का स्मरण करते हुए हिंदी भाषा की समृद्ध परंपरा को रेखांकित किया।
कार्यक्रम संयोजक दीपक मुखर्जी ‘दीप’ ने अपनी व्यंग्य रचना के माध्यम से सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सद्भाव के साथ-साथ वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर संवेदनशील टिप्पणी की। उनकी पंक्तियों पर श्रोताओं ने करतल ध्वनि से उत्साहवर्धन किया।
काव्य संध्या में नगर के अनेक प्रतिष्ठित कवियों एवं साहित्यकारों ने देश, समाज, संस्कृति, हिंदी भाषा और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर राजबाला धैर्य, बृजेंद्र तिवारी ‘अकिंचन’, डॉ. बीएन शास्त्री, पीयूष गोयल ‘बेदिल’, मोहन चंद्र पांडेय ‘मनुज’, मिलन कुमार ‘मिलन’, हरिकांत मिश्र ‘चातक’, डीपी शर्मा ‘निराला’, रामकृष्ण शर्मा, रजत कुमार, रमेश रंजन एवं रीतेश साहनी सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज दीक्षित ‘टिंकू’ ने किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।






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