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WHO ने किया आगाह- कोई भी देश गलती न करे, कोरोना वायरस संक्रमण लंबे वक्त तक हमारे बीच रहेगा

अमेरिका स्थित जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में COVID-19 से संक्रमित लोगों की संख्या 25  लाख से ऊपर पहुंच गई है। इसके कारण दुनियाभर में कुल 1,83,027 लोगों की मौत हो चुकी है।

जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया है दुनिया को कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से जल्‍दी निजात पाने वाली नहीं है। यह वायरस हमारे बीच लंबे वक्त तक बना रहेगा। इसलिए कोई गलती न करें और अलर्ट रहें। कई देशों तो इससे लड़ने के शुरुआती दौर में हैं।

डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एडनॉम घेबरियीसस ने कहा, “हमें बहुत धैर्यपूर्वक इस लड़ाई को लड़ना है। इसलिए जरूरी है कि कोई गलती नहीं करें। शारीरिक दूरी और घर में रहना इस समस्‍या का अंतिम समाधान नहीं है। जिन देशों को लग रहा है कि उन्होंने कोरोना वायरस पर काबू पा लिया है, वहां मामले दोबारा बढ़ रहे हैं। अफ्रीका और अमेरिका में संक्रमण के बढ़ते मामले हमारे लिए चेतावनी हैं।”

डॉ. टेड्रोस ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सही वक्त पर 30 जनवरी 2020 को वैश्विक आपातकाल (ग्लोबल इमरजेंसी) की घोषणा की थी ताकि दुनिया के सभी देश कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ योजना बना सकें और तैयारी करें। उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूरोप में यह महामारी अब स्थिर हुई है तो कहीं घटती नजर आती है। लेकिन, यहां भी मामले बढ़ सकते

कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या 25  लाख से ऊपर पहुंची 

डॉ. टेड्रोस ने कहा अधिकतर देश इस महामारी के शुरुआती चरण में है। इन दोशों में कोरोना रोगियों की संख्‍या जिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। कुछ देश इस महामारी से जल्‍दी प्रभावित हुए। अमेरिका स्थित जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में COVID-19 से संक्रमित लोगों की संख्या 25  लाख से ऊपर पहुंच गई है। इसके कारण दुनियाभर में कुल 1,83,027 लोगों की मौत हो चुकी है।

डब्ल्यूएचओ चीन के दुष्प्रचार का साधन बनाः ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने आरोप लगाया है कि डब्ल्यूएचओ चीन के दुष्प्रचार का साधन बन गया है। वह कोरोना वायरस के मौजूदा संकट में अपनी साख पूरी तरह खो चुका है। राष्‍ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में डब्ल्यूएचओ को दी जाने वाली अमेरिकी फंडिंग पर रोक लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली इस संस्था पर कोरोना वायरस महामारी के दौरान चीन का पक्ष लेने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ में सर्वाधिक योगदान अमेरिका देता है।

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