सीडीएस का हेलिकॉप्टर क्रैश : बिपिन रावत गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, 11 शव मिले

नई दिल्ली : तमिलनाडु में कुन्नूर के जंगलों में बुधवार को दोपहर 12:20 बजे सेना का Mi-17V5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। घने जंगलों में हुए इस हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका समेत सेना के 14 अफसर सवार थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 11 शव बरामद किए गए हैं, जो बुरी तरह जल चुके हैं। रक्षा मंत्री ने वायुसेना प्रमुखो सीआर चौधरी को घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया है।

हादसे के करीब एक घंटे बाद यह जानकारी दी गई कि जनरल रावत को वेलिंगटन के मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है, हालांकि उनकी स्थिति क्या है, इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जनरल बिपिन रावत गंभीर रूप से घायल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस हादसे की जानकारी दे दी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हादसे पर संसद में बयान देंगे। इससे पहले वे जनरल रावत के घर उनके परिवार से मिलने पहुंचे।

जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ हैं। उन्होंने 1 जनवरी 2020 को यह पद संभाला। रावत 31 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक सेना प्रमुख के पद पर रहे।

हेलिकॉप्टर में ये लोग सवार थे

1. जनरल बिपिन रावत

2. मधुलिका रावत

3. ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर

4. ले. क. हरजिंदर सिंह

5. नायक गुरसेवक सिंह

6. नायक. जितेंद्र कुमार

7. लांस नायक विवेक कुमार

8. लांंस नायक बी. साई तेजा

9. हवलदार सतपाल

85% तक जल गए हैं शव

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का हेलिकॉप्टर क्रैश

हेलिकॉप्टर सुलूर एयरबेस से वेलिंगटन जा रहा था। हेलिकॉप्टर दोपहर 12:20 बजे तब क्रैश हुआ, जब वह लैंडिंग स्पॉट से महज 10 किलोमीटर दूर था। मौके पर डॉक्टर्स, सेना के अफसर और कोबरा कमांडो की टीम मौजूद है। जो शव बरामद किए गए हैं, उनकी पहचान की कोशिश की जा रही है, क्योंकि ये 85% तक जल गए हैं। कुछ और शव पहाड़ी से नीचे नजर आ रहे हैं। हादसे के जो विजुअल सामने आए हैं, उनमें हेलिकॉप्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है और उसमें आग लगी हुई है।

रावत का हेलिकॉप्टर पहले भी क्रैश हुआ था, बच गए थे

जनरल बिपिन रावत एक बार पहले भी हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो चुके हैं। 3 फरवरी 2015 को उनका चीता हेलिकॉप्टर नगालैंड के दीमापुर में क्रैश हुआ था। तब बिपिन रावत लेफ्टिनेंट जनरल थे।

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