बरेली@bareillylive:बरेली। धान खरीद नीति की जटिल और अव्यावहारिक शर्तों को समाप्त कर पूर्व की भांति सरल व्यवस्था लागू करने तथा गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग को लेकर किसान एकता संघ ने आवाज बुलंद की। राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस दौरान डॉ. रवि नागर ने कहा कि धान खरीद की नई व्यवस्था छोटे और सीमांत किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। फार्मर रजिस्ट्री, सैटेलाइट एग्रीकल्चर सर्वे और धान तौल के बाद चार मजदूरों के अंगूठे के निशान अनिवार्य किए जाने से खरीद प्रक्रिया जटिल हो गई है। तकनीकी खामियों के कारण वास्तविक किसानों को भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि फार्मर रजिस्ट्री और सैटेलाइट सर्वे की अनिवार्यता समाप्त कर सामान्य पंजीकरण के आधार पर धान खरीद की व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही तौल मजदूरों के अंगूठे के निशान की बाध्यता खत्म कर पूर्व की तरह सरल और सुगम खरीद प्रक्रिया बहाल की जाए।
डॉ. नागर ने कहा कि खाद, बीज, डीजल, सिंचाई और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। बढ़ती कृषि लागत को देखते हुए किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो किसान एकता संघ किसानों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान गिरीश गोस्वामी, राजेश कुमार, डॉ. अंश भारती, डॉ. प्रेमपाल, प्रशांत गुप्ता, सुरेंद्र तिवारी, ओमप्रकाश, श्रीराम, राजेंद्र और लोकपाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।






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